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80 लाख के लालच में मौसी की हत्या चार आरोपी गिरफ्तार

nidhi
2 Sept 2026 11:27 AM IST
80 लाख के लालच में मौसी की हत्या चार आरोपी गिरफ्तार
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80 लाख के लालच

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-3 में 60 वर्षीय राकेश खन्ना की हत्या और लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक वारदात की साजिश परिवार की ही परिचित सिमरन ने अपने प्रेमी हिमांशु और दो अन्य साथियों चिराग व पारस के साथ मिलकर रची थी। आरोपियों की नजर उस सोने पर थी, जिसे राकेश खन्ना ने करीब 80 लाख रुपये का फ्लैट बेचने के बाद खरीदा था। पुलिस ने मामले में सिमरन, हिमांशु, चिराग और पारस को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच के अनुसार सिमरन मृतक राकेश खन्ना के साले की बेटी है और उसे परिवार की आर्थिक स्थिति तथा घर में रखे कीमती सामान के बारे में जानकारी थी। राकेश ने हाल ही में करीब 80 लाख रुपये में एक फ्लैट बेचा था और उस रकम से सोना खरीदा था। सिमरन को इसकी जानकारी मिली तो उसने कथित तौर पर सोना लूटने की योजना बनाई और अपने प्रेमी हिमांशु को भी इसमें शामिल कर लिया। हिमांशु एक जिम संचालक बताया जा रहा है। बाद में चिराग और पारस को भी योजना में शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी योजना तैयार की थी। सिमरन ने अपनी मौसी यानी राकेश खन्ना की पत्नी और परिवार के कुछ अन्य रिश्तेदारों को मेला देखने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। परिवार के सदस्यों के बाहर निकलने के बाद राकेश घर में अकेले रह गए। आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया गया।
जांच में सामने आया है कि वारदात वाले दिन सिमरन ने घर का सेंट्रल लॉक खुलवाया। इसके बाद चिराग और पारस घर के अंदर दाखिल हुए। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने अंदर राकेश खन्ना की हत्या की, जबकि सिमरन और उसका प्रेमी हिमांशु बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर निगरानी करते रहे। उनका मकसद आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना और किसी के अचानक पहुंचने की स्थिति में साथियों को सतर्क करना था।
वारदात के बाद जब राकेश की पत्नी घर लौटीं तो अंदर का सामान बिखरा हुआ था और राकेश बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर से मोबाइल फोन, नकदी और गहने गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या और लूट के एंगल से जांच शुरू की। पुलिस को शुरुआती जांच में ही परिवार से परिचित किसी व्यक्ति पर संदेह हुआ। इलाके की गतिविधियों और आरोपियों की मौजूदगी की जांच के बाद शक सिमरन तक पहुंचा। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धीरे-धीरे कथित साजिश की कड़ियां जोड़ीं और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को उम्मीद थी कि उन्हें घर से बड़ी मात्रा में सोना मिलेगा, लेकिन पुलिस के अनुसार उनके हाथ करीब 1.5 लाख रुपये की ज्वेलरी ही लगी। राकेश खन्ना ने बाकी गहने पहले ही दूसरी जगह छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई ज्वेलरी बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी टाइमलाइन और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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