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जबलपुर में 472 करोड़ की टैंक ओवरहॉल सुविधा की नींव रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर

Gulabi Jagat
27 Aug 2026 8:06 PM IST
जबलपुर में 472 करोड़ की टैंक ओवरहॉल सुविधा की नींव रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
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जबलपुर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री में T-72 और T-90 टैंकों के ओवरहॉल (मरम्मत और नवीनीकरण) की सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह दिन भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक नया मील का पत्थर है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद थे।
रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की भूमिका पर जोर देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 3,073 हेक्टेयर जमीन पर रक्षा निर्माण की क्षमता और 16,960 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तावित निवेश, इस दिशा में राज्य की महत्वाकांक्षी सोच को दर्शाता है। ये प्रयास मध्य प्रदेश को भारत का अगला बड़ा रक्षा और एयरोस्पेस निर्माण केंद्र बनाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे इस बात की विशेष खुशी है कि 472 करोड़ रुपये की यह परियोजना हमारे स्थानीय टैलेंट और तकनीकी कार्यबल के लिए भी अवसर पैदा करेगी। हमारे युवाओं में कौशल की कोई कमी नहीं है; उन्हें बस अवसर, तकनीक और सही इकोसिस्टम की जरूरत है। यह परियोजना हमारे उन सैनिकों के लिए वरदान साबित होगी जो दुश्मन को नष्ट करने के लिए इन टैंकों का इस्तेमाल करते हैं।" रक्षा निर्माण और सैन्य संस्थानों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में जबलपुर की पहचान पर जोर देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि अब उस पहचान को एक नए स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य जबलपुर को रक्षा तकनीक, रखरखाव, आधुनिकीकरण और निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।"
'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत का रक्षा क्षेत्र अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन केवल 46,000 करोड़ रुपये था, यानी हम भारत में केवल 46,000 करोड़ रुपये के हथियार और उपकरण बना पाते थे। आज यह आंकड़ा बढ़कर रिकॉर्ड 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।" अपनी बात खत्म करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, "इस बदलते भारत में जबलपुर की भी अहम भूमिका है। यहाँ की फैक्ट्रियां, इंजीनियर, टेक्नीशियन, कुशल कारीगर और युवा - सभी इस बदलाव में अहम हिस्सेदार हैं। दुनिया अब भारत को एक मैन्युफैक्चरिंग पावर, टेक्नोलॉजी पार्टनर और भरोसेमंद डिफेंस पार्टनर के तौर पर देख रही है।"
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