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दिल्ली के 1086 सरकारी स्कूलों में मिलेगी फर्स्ट एड सुविधा

Ratna Netam
25 Oct 2026 8:32 PM IST
दिल्ली के 1086 सरकारी स्कूलों में मिलेगी फर्स्ट एड सुविधा
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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत राजधानी के सभी 1,086 सरकारी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा यानी फर्स्ट-एड सुविधाएं स्थापित करने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य स्कूल के समय अचानक बीमार पड़ने, चोट लगने या अन्य सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल बुनियादी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित योजना पर सालाना 48.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इस प्रस्ताव की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इससे बच्चों को छोटी-मोटी चोट लगने, चक्कर आने या अचानक तबीयत खराब होने जैसी परिस्थितियों में स्कूल परिसर के भीतर ही शुरुआती सहायता मिल सकेगी।
हर स्कूल में तैनात होगा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी
प्रस्तावित योजना के अनुसार, दिल्ली के प्रत्येक सरकारी स्कूल में एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ (एएनएम) या मल्टीपर्पस हेल्थ वर्कर जैसे प्रशिक्षित कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकेंगी।इन स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी स्कूल के समय विद्यार्थियों को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना होगी। यदि किसी बच्चे को खेलते समय चोट लग जाती है या अचानक चक्कर आने लगते हैं, तो उसे शुरुआती देखभाल मिल सकेगी।स्कूलों में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों की सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को समय पर संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर शुरुआती सहायता के लिए स्कूल परिसर से बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
फर्स्ट-एड कमरों में मिलेंगी ये सुविधाएं
योजना के तहत स्कूलों में स्थापित किए जाने वाले प्राथमिक चिकित्सा कमरों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें चोट लगने पर प्राथमिक उपचार, घाव की ड्रेसिंग और ओआरएस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।इसके अलावा अचानक तबीयत खराब होने वाले विद्यार्थियों के लिए आराम करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे छात्र कुछ समय तक स्वास्थ्य कर्मी की निगरानी में आराम कर सकेंगे।इन सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल में ही शुरुआती सहायता देना है। यह व्यवस्था अस्पतालों या अन्य चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध विस्तृत उपचार सेवाओं का विकल्प नहीं होगी।
छात्राओं की स्वास्थ्य जरूरतों पर विशेष ध्यान
दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को भी महत्व दिया गया है। प्राथमिक चिकित्सा कमरों में छात्राओं के लिए गोपनीयता और निजता सुनिश्चित करने की व्यवस्था होगी।विशेष रूप से मासिक धर्म से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के दौरान छात्राओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है।इस व्यवस्था से छात्राओं को स्कूल के समय होने वाली सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही जरूरत पड़ने पर वे सुरक्षित और निजी स्थान पर आराम कर सकेंगी।
जांच और डॉक्टर के पर्चे वाली दवाएं नहीं मिलेंगी
प्रस्तावित प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की कुछ सीमाएं भी निर्धारित की गई हैं। इन कमरों में किसी प्रकार की डायग्नोस्टिक यानी चिकित्सीय जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।इसके अलावा डॉक्टर के पर्चे पर दी जाने वाली दवाएं भी इन केंद्रों में उपलब्ध नहीं होंगी। इसका मतलब है कि इन सुविधाओं का उपयोग केवल सामान्य प्राथमिक चिकित्सा और शुरुआती स्वास्थ्य सहायता के लिए किया जाएगा।जिन विद्यार्थियों को विस्तृत जांच या विशेष उपचार की आवश्यकता होगी, उनके लिए अलग से चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ सकती है।
सालाना 48.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
दिल्ली सरकार की इस प्रस्तावित योजना के तहत सभी 1,086 सरकारी स्कूलों को शामिल करने की तैयारी है। इसके संचालन पर हर साल लगभग 48.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलने और सभी स्कूलों में सुविधाएं शुरू होने की निश्चित तारीख के बारे में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट उल्लेख नहीं है।फिलहाल, यह योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। इसके लागू होने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल के समय छोटी-मोटी चोटों और अचानक होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में प्राथमिक सहायता मिल सकेगी।
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