दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, रोज कट रहे 10 हजार से ज्यादा चालान

Ratna Netam
25 Oct 2026 8:27 PM IST
दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, रोज कट रहे 10 हजार से ज्यादा चालान
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नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पड़ोसी जिलों के ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान दिल्ली की सीमाओं पर यातायात व्यवस्था सुधारने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।बैठक में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादुरगढ़ के ट्रैफिक पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सर्दियों में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न जिलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था।
रोजाना 10 हजार से ज्यादा चालान
बैठक के दौरान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी कि राजधानी में यातायात और प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, ट्रैफिक और प्रदूषण नियमों के उल्लंघन के मामलों में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक चालान काटे जा रहे हैं। यह कार्रवाई यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से की जा रही है।बैठक में अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए निगरानी और जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की।
पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सख्ती
दिल्ली में निर्धारित आयु सीमा से अधिक पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।अधिकारियों ने ऐसे वाहनों की पहचान करने और लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई करने पर चर्चा की। पुराने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना प्रदूषण रोकने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।दिल्ली में वाहन प्रदूषण लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। सर्दियों में मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। ऐसे में वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए नियमों का पालन जरूरी है।
दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम कम करने पर जोर
पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली की सीमाओं के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया।दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच बड़ी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं। सीमावर्ती इलाकों में जाम लगने से वाहनों को लंबे समय तक सड़क पर रुकना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत और उत्सर्जन बढ़ सकता है।इसी समस्या को देखते हुए अधिकारियों ने यातायात को सुचारू बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के अधिकारियों की भागीदारी को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इन शहरों का यातायात दिल्ली की सड़कों से सीधे जुड़ा हुआ है।
प्रदूषण मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली बसों पर निगरानी
बैठक में ऐसी बसों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के उपायों पर भी चर्चा हुई, जो निर्धारित उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करती हैं।अधिकारियों ने बसों की जांच और नियमों के अनुपालन को लेकर विचार-विमर्श किया। इसका उद्देश्य राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली और आसपास के जिलों के अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक है।
ट्रकों को पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से भेजने पर चर्चा
दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए उन ट्रकों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने का मुद्दा भी उठाया गया, जिनका गंतव्य दिल्ली नहीं है।अधिकारियों ने ऐसे मालवाहक वाहनों को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए डायवर्ट करने पर चर्चा की।इस व्यवस्था का उद्देश्य बिना आवश्यकता दिल्ली से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या कम करना है। इससे राजधानी की सड़कों पर यातायात का दबाव घटाने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण पर जोर
दिल्ली सरकार की इस बैठक में वाहन प्रदूषण और यातायात प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने पुराने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई, प्रदूषण फैलाने वाली बसों की जांच और भारी वाहनों के वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल जैसे विषयों की समीक्षा की।पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक से स्पष्ट है कि सर्दियों में प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली और एनसीआर के संबंधित विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।हालांकि, बैठक में चर्चा किए गए उपायों को लागू करने की विस्तृत समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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