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AAP विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान, बेटे समेत अन्य पर महिला से लज्जा भंग के प्रयास और मारपीट की FIR

nidhi
31 July 2026 7:10 AM IST
AAP विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान, बेटे समेत अन्य पर महिला से लज्जा भंग के प्रयास और मारपीट की FIR
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AAP विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान समेत कई लोगों पर केस दर्ज
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान और उनके बेटे सहित अन्य लोगों के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर लज्जा भंग करने के प्रयास, मारपीट और अन्य आरोपों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि घटना के दौरान उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, मारपीट की गई और उसकी लज्जा भंग करने का प्रयास किया गया। महिला ने अपनी शिकायत में विधायक, उनके बेटे और कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए हैं।
महिला की शिकायत पर दर्ज हुई प्राथमिकी
पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत मिलने के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल का निरीक्षण और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे।
आरोपों की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों के सत्य साबित होने के बराबर नहीं है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, आरोपित पक्ष और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएंगे। साथ ही यदि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो या अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध होते हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
मामला एक मौजूदा विधायक से जुड़ा होने के कारण इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक मामले में पुलिस की जांच जारी है और किसी भी पक्ष को अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।
पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच कानून के अनुसार निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलते हैं, तो जांच रिपोर्ट उसी आधार पर तैयार की जाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का ही भरोसा करें।
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