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नगर निगम कर्मियों की हड़ताल से पटना में कचरा संग्रहण ठप, लोग परेशान
पटना: बिहार की राजधानी पटना में नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का असर अब आम लोगों के दैनिक जीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से शहर के कई इलाकों में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर निगम की सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण कई वार्डों में नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नहीं हो सका। नतीजतन लोगों ने घरों का कचरा सड़क किनारे या निर्धारित डंपिंग प्वाइंट पर डालना शुरू कर दिया, जिससे कई स्थानों पर गंदगी फैल गई है।
शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमराई
हड़ताल का सबसे अधिक असर घनी आबादी वाले इलाकों और बाजारों में देखा जा रहा है। सुबह के समय जिन क्षेत्रों से नियमित रूप से कचरा उठाया जाता था, वहां कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं। कई स्थानों से दुर्गंध आने लगी है और लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
हड़ताल की वजह से ठप हुआ डोर-टू-डोर कलेक्शन
नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा लगभग ठप हो गई है। इससे हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं और लोगों को स्वयं कचरे के निस्तारण की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
नगर निगम प्रशासन लगातार कर्मचारियों से बातचीत कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ी
लगातार जमा हो रहे कचरे से मच्छरों, मक्खियों और अन्य कीटों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में लंबे समय तक कचरा जमा रहने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
इसी को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि वे खुले में कचरा न फेंकें और जहां तक संभव हो, कचरे को ढककर रखें।
नगर निगम और प्रशासन सक्रिय
पटना नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता जारी है और हड़ताल समाप्त होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर सभी वार्डों से कचरा उठाया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अतिरिक्त संसाधनों और कर्मचारियों की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ी परेशानी
हड़ताल का असर केवल आवासीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर भी कचरा जमा होने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के कारण ग्राहकों को परेशानी हो रही है और व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने स्वयं सफाई अभियान चलाकर अस्थायी रूप से कचरा हटाने का प्रयास किया है।
लोगों से सहयोग की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि हड़ताल के दौरान अनावश्यक रूप से कचरा सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें और गीले तथा सूखे कचरे को अलग-अलग रखकर सहयोग करें। साथ ही लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की गई है।
प्रशासन का कहना है कि हड़ताल समाप्त होते ही पूरे शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा और जमा हुए कचरे का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा।
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