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Faridabad: दो सालों से अस्पताल की नींव अधूरी, स्थानीय लोगों में असंतोष

Admindelhi1
23 May 2025 8:48 PM IST
Faridabad: दो सालों से अस्पताल की नींव अधूरी, स्थानीय लोगों में असंतोष
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"अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य के बारे में जवाब मांगेंगे"

फरीदाबाद: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-2 हुडा मार्केट के सामने सात करोड़ रुपये की लागत से दो मंजिला सरकारी अस्पताल (पॉली क्लीनिक) का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में तेजी नहीं होने की वजह से अभी तक नींव का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। जिसके चलते अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य के बारे में जवाब मांगेंगे।

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से पहले भी घटिया सामग्री का उपयोग करने पर ठेकेदार को तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका है। उस समय ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करने की मांग उठी थी लेकिन निर्माण कार्य में कोई रुकावट ना आए उसके लिए उसी ठेकेदार को कार्य करने की अनुमति दे दी।

बल्लभगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर करने के लिए सेक्टर-2 में दो मंजिला सरकारी अस्पताल बनाया जा रहा है। यह अस्पताल 30 बेड का होगा। इसमें लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सभी महत्वपूर्ण जांच की जाएंगी। इस पॉली क्लीनिक का निर्माण कार्य करीब दो साल पहले शुरू किया गया था। उस समय चहारदीवारी में लगाई गई ईंटों की गुणवत्ता पर सवालिया निशान उठने के बाद विभाग के कार्यकारी अभियंता ने मौके पर जाकर जांच की। जिन्होंने ईंटों को कम गुणवत्ता वाला बताया। उसके बाद विभाग द्वारा 28 अक्तूबर 2023 को कंपनी को नोटिस देकर मौके से ईंट हटाने के लिखित आदेश दिए। कंपनी द्वारा मौके से घटिया ईंट हटाने की बजाय काम जारी रखा।

विभाग ने फिर 6 नवंबर 2023 को घटिया ईंटें हटाकर नई ईंट लगाकर काम करने के आदेश दिए। इसके बावजूद घटिया ईंटें नहीं हटाई गईं और चहारदीवारी का काम लगातार जारी रखा। तीसरी बार 31 जनवरी 2024 को कंपनी को एक और नोटिस दिया कि घटिया ईंटों से किए काम का भुगतान नहीं किया जाएगा और कंपनी घटिया गुणवत्ता की ईंटों को तुरंत हटाए अन्यथा कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तीन बार नोटिस देने के बाद भी ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया और विभाग की ओर से उसी ठेकेदार को काम करने की अनुमति दे दी। अनुमति मिलने के बाद भी ठेकेदार की ओर से निर्माण कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। अभी तक अस्पताल की नींव का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।

कार्यकारी अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि कंपनी को तीन बार नोटिस दिया गया था। विभाग की ओर से कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बात की जा रही थी, लेकिन ब्लैक लिस्ट करने के बाद दोबारा से नया टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती, जिसकी वजह से पॉली क्लीनिक का कार्य रुक जाता। इसलिए कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की बजाए चेतावनी देते हुए कार्य करने को कहा। उसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई है। अभी ठेकेदार की ओर से नींव का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है उसको लेकर उनके ओर से कार्रवाई करते हुए ठेकेदार से जवाब मांगा जाएगा।

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