- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- Indian नाविक की मौत...
Indian नाविक की मौत पर विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख, ईरान को किया तलब

New Delhi नई दिल्ली : ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के पास हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए ईरान के सामने आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराया है। भारत ने साफ कहा है कि ऐसे हमलों को तत्काल रोका जाना चाहिए और क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इस मामले को लेकर भारत ने ईरानी पक्ष के सामने अपनी नाराजगी और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर भारत की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस हमले में भारत ने एक अनमोल नागरिक को खो दिया है। इसके अलावा कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने ईरान से स्पष्ट रूप से कहा है कि जिन हमलों की निंदा की गई है, उन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
दरअसल, ओमान के समुद्री क्षेत्र में स्थित होर्मुज स्ट्रेट के पास संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई दो क्रूज मिसाइलों ने इन टैंकरों को प्रभावित किया।
यूएई की अमीरात न्यूज एजेंसी के अनुसार, हमले के दौरान ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहियाह’ नामक दो टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे थे। हमले में दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा। इस घटना में ‘मोम्बासा’ टैंकर पर मौजूद एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई।
हमले में कुल आठ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। इनमें से कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद भारतीय अधिकारियों ने प्रभावित लोगों की सहायता और मामले की निगरानी शुरू कर दी है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। मंत्रालय ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार समुद्री व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रहना चाहिए। मंत्रालय ने संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे ऐसे कदमों से बचें, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़े और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।





