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व्यापार बढ़ाने की संभावना तलाशने के लिए ब्राजील, अर्जेंटीना व पैराग्वे के दौरे पर जाएंगे विदेश मंत्री एस. जयशंकर

Sarita
21 Aug 2022 6:36 AM IST
External Affairs Minister S. will visit Brazil, Argentina and Paraguay to explore the possibility of increasing trade. Jaishankar
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फाइल फोटो 

अमेरिका और यूरोप में मंदी की आहट नजर आने लगी है। विकसित देशों में मंदी की आहट को देख भारत लैटिन अमेरिकी देशों में व्यापार बढ़ाने की संभावना तलाशने में जुट गया है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अमेरिका और यूरोप में मंदी की आहट नजर आने लगी है। विकसित देशों में मंदी की आहट को देख भारत लैटिन अमेरिकी देशों में व्यापार बढ़ाने की संभावना तलाशने में जुट गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर लैटिन अमेरिका के तीन प्रमुख देशों ब्राजील, अर्जेंटीना व पैराग्वे के दौरे पर जा रहे हैं। जयशंकर 22 से 27 अगस्त तक इन तीन देशों के दौरे पर रहेंगे, जहां राजनयिक वार्ता के साथ वहां के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के साथ बातचीत होगी।

मंदी की आहट बता रहे विशेषज्ञ
2022 की पहली दो तिमाहियों में अमेरिका की विकास दर में नकारात्मक बढ़ोतरी रही है, जिसे आर्थिक विशेषज्ञ मंदी की आहट बता रहे हैं। अमेरिका भारत का बड़ा कारोबारी पार्टनर है। भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में अमेरिका को 76 अरब डालर का निर्यात किया था तो अमेरिका से 43 अरब डालर का आयात किया था। अमेरिका में मंदी की शुरुआत होने का भारतीय निर्यात पर असर दिख रहा है और इंजीनिय¨रग वस्तुओं के साथ कई अन्य वस्तुओं के आर्डर में कमी आने लगी है।
क्‍या कहते हैं आंकड़े
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष में भारत ने लैटिन अमेरिका को सिर्फ 18.89 अरब डालर का निर्यात किया। हालांकि, वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले यह निर्यात 48 प्रतिशत अधिक है। दूसरी तरफ भारत ने 2021-22 में लैटिन अमेरिका से 25.62 अरब डालर का आयात किया। इस आयात में ब्राजील की हिस्सेदारी 5.71 अरब डालर तो अर्जेंटीना की हिस्सेदारी 4.2 अरब डालर थी।
भारत के कुल निर्यात में लैटिन अमेरिकी देशों की कम हिस्सेदारी
भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में 420 अरब डालर का वस्तु निर्यात किया है। यानी भारत के कुल वस्तु निर्यात में लैटिन अमेरिका की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत भी नहीं है। विदेश व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, लैटिन अमेरिका में भारत को अपना निर्यात बढ़ाने के लिए अभी पर्याप्त जगह है। इसी को देखते हुए विदेश मंत्री ने लैटिन अमेरिका के अपने दौरे से पहले शनिवार को अर्जेंटीना, ब्राजील, क्यूबा, मैक्सिको, पैराग्वे, सूरीनाम, कोस्ट रीका, पनामा जैसे देशों के राजदूतों के साथ बैठक की।
लैटिन अमेरिका पर भारत की नजरें
भारत लैटिन अमेरिका को टेक्सटाइल, फार्मा, प्लास्टिक, मशीनरी, केमिकल्स का निर्यात करता है। जानकारों के मुताबिक भारत टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स व ज्वैलरी, लेदर गुड्स जैसे रोजगारपरक सेक्टर के निर्यात की बढ़ोतरी दर को जारी रखना चाहता है। इसलिए लैटिन अमेरिका में भारतीय निर्यात का पैर पसारना जरूरी हो गया है।
ब्राजील को सबसे अधिक निर्यात
लैटिन अमेरिका में भारत ब्राजील को सबसे अधिक भारत निर्यात करता है। पिछले वित्त वर्ष में भारत ने ब्राजील को 6.49 अरब डालर का निर्यात किया, जो 2020-21 के मुकाबले 53 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2021-22 में भारत ने अर्जेंटीना का 1.43 अरब डालर का निर्यात किया था, जो पूर्व के वित्त वर्ष के मुकाबले 107 प्रतिशत अधिक है। ऐसे में इन देशों में व्यापार बढ़ाने की पूरी संभावना है।
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