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राष्ट्रपति भवन पहुंचे EU राजदूत द्रौपदी मुर्मू को सौंपे क्रेडेंशियल्स

Ratna Netam
25 Sept 2026 3:19 PM IST
राष्ट्रपति भवन पहुंचे EU राजदूत द्रौपदी मुर्मू को सौंपे क्रेडेंशियल्स
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नई दिल्ली। भारत में यूरोपीय संघ (EU) के नए राजदूत हर्वे डेल्फिन ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स यानी परिचय-पत्र सौंपने के बाद आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया है। इस अवसर पर उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच तेजी से मजबूत हो रहे संबंधों को रेखांकित करते हुए व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक समारोह के दौरान यूरोपीय संघ के राजदूत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने परिचय-पत्र प्रस्तुत किए। किसी देश में नियुक्त राजदूत के लिए परिचय-पत्र प्रस्तुत करना एक महत्वपूर्ण राजनयिक प्रक्रिया होती है। इसके बाद वह आधिकारिक रूप से मेजबान देश में अपने पद की जिम्मेदारियां संभालता है।
इस अवसर के बाद EU राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने क्रेडेंशियल्स सौंपने को सम्मान की बात बताया। साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्रों में तेजी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में भारत में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। इसके साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकताओं पर भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में विस्तृत हुए हैं। दोनों पक्ष व्यापार और निवेश के अलावा सुरक्षा, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। नए राजदूत के कार्यकाल में इन क्षेत्रों से जुड़े संवाद और पहलों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।व्यापार भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है। दोनों पक्ष लंबे समय से व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलावों और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने की जरूरत के बीच भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक साझेदारी का महत्व बढ़ा है।
इसके अलावा रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी दोनों पक्षों के रिश्तों में महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों को लेकर भारत और यूरोपीय संघ के बीच बातचीत बढ़ी है। आतंकवाद से मुकाबला, साइबर सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं।अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्ष मिलकर नई संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। EU राजदूत ने अपने संदेश में R&I यानी रिसर्च एंड इनोवेशन का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए इसे बढ़ते सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया।
भारत और यूरोपीय संघ के संबंध केवल आर्थिक और सुरक्षा सहयोग तक सीमित नहीं हैं। जलवायु परिवर्तन और सतत विकास भी दोनों के बीच बातचीत के महत्वपूर्ण विषय हैं। स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्ष विभिन्न स्तरों पर सहयोग कर रहे हैं।नई दिल्ली में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की भूमिका भारत और EU के बीच इन संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होती है। राजदूत भारत सरकार, विभिन्न मंत्रालयों, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों के साथ संपर्क स्थापित करते हुए यूरोपीय संघ की नीतियों और प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके साथ ही वे भारत और यूरोपीय संघ के बीच नई साझेदारियों के लिए संभावनाएं तलाशने में भी भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को क्रेडेंशियल्स सौंपने के बाद नए राजदूत का औपचारिक कार्यकाल शुरू हो गया है। उनकी शुरुआती टिप्पणी से संकेत मिलता है कि व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और अनुसंधान एवं नवाचार उनके कार्यकाल के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहेंगे।भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक मंचों पर भी कई मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ संवाद करते रहे हैं। बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों, वैश्विक व्यापार व्यवस्था और तकनीकी बदलावों के बीच दोनों पक्ष अपनी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।EU राजदूत ने पदभार संभालते ही साझा प्राथमिकताओं पर भारत के साथ सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई है। आने वाले समय में व्यापार और निवेश से लेकर सुरक्षा, रक्षा तथा अनुसंधान एवं नवाचार तक कई क्षेत्रों में होने वाली बातचीत उनके कार्यकाल की दिशा तय करेगी। राष्ट्रपति भवन में क्रेडेंशियल्स प्रस्तुत करने के साथ ही भारत में उनकी राजनयिक जिम्मेदारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
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