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India-US वार्ता में ऊर्जा आपूर्ति, वीज़ा नीति और व्यापार सहयोग पर चर्चा

Kavita2
25 May 2026 11:14 AM IST
India-US वार्ता में ऊर्जा आपूर्ति, वीज़ा नीति और व्यापार सहयोग पर चर्चा
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Delhi दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने अमेरिका के साथ हुई उच्च स्तरीय बातचीत में भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अपनी चिंताएं स्पष्ट रूप से रखी हैं। इसके साथ ही भारत ने अमेरिका की वीज़ा प्रणाली में हाल ही में किए गए बदलावों का मुद्दा भी उठाया, यह कहते हुए कि इनसे व्यापार और शोध गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, रक्षा सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को भारत–अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वार्ता के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध भारत के साथ उसकी साझेदारी की कीमत पर नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखता है और भारत के साथ सहयोग को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भारत की ओर से चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी प्रकार की सीमितता या सिकुड़न उचित नहीं है, क्योंकि इसका सीधा असर लागत और आर्थिक स्थिरता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत को एक स्थिर, सुरक्षित और विविध ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली की आवश्यकता है ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा सुरक्षा केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास और औद्योगिक प्रगति से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ऐसे वैश्विक ऊर्जा ढांचे का समर्थन करता है जो पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और सभी देशों के लिए सुलभ हो।

बैठक के दौरान दोनों देशों ने तकनीकी सहयोग, रक्षा साझेदारी और निवेश के नए अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया। भारत और अमेरिका ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां दोनों देशों के हित समान हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत का ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देना उसकी दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

इस बैठक को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

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