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दयाल सिंह कॉलेज का नाम बदलने पर विवाद, DU ने कहा—अभी कोई अंतिम फैसला नहीं

Kavita2
25 May 2026 10:16 AM IST
दयाल सिंह कॉलेज का नाम बदलने पर विवाद, DU ने कहा—अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
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Delhi दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े दयाल सिंह कॉलेज का नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर विवाद तेज हो गया है। कॉलेज की गवर्निंग बॉडी द्वारा नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद ही दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के शीर्ष अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को डीएस चौहान की अध्यक्षता में हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में कॉलेज का नाम बदलकर ‘बंदा सिंह बहादुर कॉलेज’ या ‘मजीठिया कॉलेज’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में यह भी तय किया गया कि इन दोनों नामों में से किसी एक की सिफारिश आगे भेजी जाएगी। इस दौरान दो शिक्षक प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराए गए असहमति नोट्स (डिसेंट नोट्स) को भी खारिज कर दिया गया।

हालांकि, गवर्निंग बॉडी का यह निर्णय केवल सिफारिश के स्तर पर है। नियमों के अनुसार, किसी भी कॉलेज का नाम बदलने का अंतिम अधिकार दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन और उसकी कार्यकारी परिषद (Executive Council) के पास होता है।

इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि नाम परिवर्तन का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि गवर्निंग बॉडी का निर्णय केवल प्रारंभिक प्रक्रिया का हिस्सा है, न कि अंतिम आदेश।

विकास गुप्ता ने कहा, “दयाल सिंह इवनिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन से संबंधित गवर्निंग बॉडी का निर्णय अंतिम नहीं है। इस प्रस्ताव को अगली कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा जाएगा और अंतिम फैसला ईसी की चर्चा और निर्णय पर निर्भर करेगा।”

इस मुद्दे के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि नाम परिवर्तन पर अंतिम निर्णय से पहले व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है।

कॉलेज के नाम से जुड़े इस प्रस्ताव ने शैक्षणिक और प्रशासनिक हलकों में भी बहस को जन्म दे दिया है। कई शिक्षकों और छात्र समूहों का कहना है कि किसी भी संस्थान की पहचान से जुड़े बदलावों में पारदर्शिता और सहमति जरूरी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ाई जाएगी और सभी पक्षों की राय पर विचार करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल, यह मामला दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की आगामी बैठक पर निर्भर है, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम चर्चा होने की संभावना है। तब तक कॉलेज के नाम परिवर्तन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।

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