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विकसित भारत 2047 के लिए अत्याधुनिक परिवहन पर जोर: Harsh Malhotra

Gulabi Jagat
18 July 2025 5:41 PM IST
विकसित भारत 2047 के लिए अत्याधुनिक परिवहन पर जोर: Harsh Malhotra
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नई दिल्ली: कॉरपोरेट मामलों और सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने आज दिल्ली में सड़क और राजमार्ग शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। मंत्री महोदय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय एक विश्वस्तरीय सड़क और परिवहन अवसंरचना के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो लोगों को जोड़ेगी, आर्थिक विकास को गति देगी और सभी के लिए सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करेगी।
मल्होत्रा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन को वास्तविकता में बदलने के लिए अथक प्रयास किया है - शहरों को जोड़ना, समुदायों को सशक्त बनाना, तथा राजमार्ग निर्माण की अभूतपूर्व गति और पैमाने के माध्यम से विकास को गति देना। मंत्री ने कहा कि ये आधुनिक राजमार्ग सिर्फ सड़कें नहीं हैं; ये प्रगति की जीवन रेखाएं हैं, जो लोगों, उद्योगों और अवसरों को जोड़ती हैं, और नेटवर्क का विस्तार करके सरकार ने यात्रा के अनुभव को पुनः परिभाषित किया है, तथा इसे प्रत्येक नागरिक के लिए तीव्र, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाया है। मल्होत्रा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 में 91,000 किलोमीटर से बढ़कर आज 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क बन गया है।
मंत्री ने कहा कि 2013-14 और 2024-25 के बीच सड़क बुनियादी ढांचे पर सरकार का खर्च 6.4 गुना बढ़ गया है और सड़क परिवहन और राजमार्गों के लिए बजट आवंटन में 2014 से 2023-24 तक 57% की वृद्धि देखी गई है, जो कनेक्टिविटी, गतिशीलता और आर्थिक विकास के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में सड़क अवसंरचना ने 45 करोड़ मानव दिवस प्रत्यक्ष रोजगार, 57 करोड़ मानव दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार तथा 532 करोड़ मानव दिवस प्रेरित रोजगार सृजित किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर अवसंरचना परियोजनाओं के पर्याप्त प्रभाव को दर्शाता है।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि पिछले दशक के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) में 10,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) का निर्माण किया गया है, जो इस क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मल्होत्रा ने दिल्ली डीकंजेशन प्लान का ज़िक्र किया, जिसका उद्देश्य शहर में यातायात की भीड़भाड़ और प्रदूषण को कम करना और शहर में कनेक्टिविटी में सुधार करना है। इस योजना में दिल्ली और हरियाणा में केएमपीई से यूईआर-II (एनएच-344एम) तक दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे (एनई-5) का विस्तार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलीपुर के पास यूईआर-II (एनएच-344एम) का ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (एनएच-709बी) तक विस्तार, और द्वारका एक्सप्रेसवे (शिव मूर्ति महिपालपुर के पास) से नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज तक एक सड़क सुरंग का निर्माण शामिल है।
मंत्री ने कहा कि मंत्रालय 2028-29 तक 700 से अधिक वेसाइड सुविधाएं (डब्ल्यूएसए) विकसित करने की प्रक्रिया में है, जिसमें स्वच्छ शौचालय, गुणवत्तापूर्ण भोजन, विश्राम क्षेत्र, ईंधन स्टेशन और ईवी चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे।
मल्होत्रा ने बताया कि मंत्रालय ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और बताया कि 14,000 दुर्घटना-प्रवण ब्लैकस्पॉट्स को ठीक किया गया है। मंत्री महोदय ने गुड समैरिटन स्कीम और कैशलेस गोल्डन ऑवर स्कीम जैसी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की भी सराहना की।
श्री मल्होत्रा ने कहा कि हरित राजमार्ग नीति और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहलों के साथ मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर 4.78 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए हैं और लगभग 70,000 पेड़ों को प्रत्यारोपित किया है।
मंत्री महोदय ने बताया कि मंत्रालय ने टिकाऊ निर्माण पद्धतियों को भी अपनाया है, जिसमें यूईआर-II और अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे जैसी प्रमुख परियोजनाओं में 80 लाख टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का उपयोग शामिल है। इसके अतिरिक्त, ताप विद्युत संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश को राजमार्ग निर्माण में शामिल किया जा रहा है, जिससे कच्चे माल की आवश्यकता कम हो रही है और उत्सर्जन में कमी आ रही है।
अंत में, मल्होत्रा ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए और अधिक राजमार्गों का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजमार्ग विकास में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया सकल घरेलू उत्पाद में तीन गुना लाभ देता है, व्यापक रोजगार के अवसर पैदा करता है और राजस्व सृजन के अनेक माध्यम खोलता है। सरकार केवल सड़कें ही नहीं बना रही है - बल्कि एक समृद्ध, शांतिपूर्ण और सुदृढ़ भारत की नींव रख रही है।
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