दिल्ली-एनसीआर

शिक्षा मंत्रालय का स्पष्ट बयान, निजी बिना सहायता प्राप्त स्कूलों पर SMC गाइडलाइन लागू नहीं

Kavita2
21 May 2026 4:57 PM IST
शिक्षा मंत्रालय का स्पष्ट बयान, निजी बिना सहायता प्राप्त स्कूलों पर SMC गाइडलाइन लागू नहीं
x

Delhi दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि हाल ही में अधिसूचित स्कूल मैनेजमेंट कमिटी (SMC) गाइडलाइंस 2026 निजी बिना सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं होंगी। मंत्रालय ने कहा कि हालांकि इन स्कूलों पर यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन उन्हें पारदर्शिता, जवाबदेही और सहभागितापूर्ण प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए स्वेच्छा से ऐसी समितियां बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब नई SMC रूपरेखा को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन के कुछ वर्गों में चिंताएं सामने आई थीं। केंद्र सरकार ने इस महीने की शुरुआत में नया SMC फ्रेमवर्क घोषित किया था, जिसके तहत हर स्कूल मैनेजमेंट कमिटी की अध्यक्षता एक अभिभावक (पेरेंट) करेगा, जबकि स्कूल का प्रिंसिपल उसमें सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेगा।

मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह गाइडलाइन उन संस्थानों पर लागू नहीं होती है जो राइट टू एजुकेशन (RTE) एक्ट के सेक्शन 2(n)(iv) के तहत आते हैं, बशर्ते उन्हें राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण से कोई वित्तीय सहायता या अनुदान प्राप्त न हो। इसका अर्थ यह है कि पूर्ण रूप से स्व-वित्तपोषित निजी स्कूल इस नई व्यवस्था के दायरे से बाहर रहेंगे।

शिक्षा मंत्रालय ने यह भी कहा कि भले ही इन स्कूलों पर यह नियम बाध्यकारी नहीं है, लेकिन उन्हें अपने स्तर पर स्कूल मैनेजमेंट कमिटी जैसी व्यवस्थाएं अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसका उद्देश्य स्कूल संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार नई SMC गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना है, ताकि स्कूल स्तर पर निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। इसमें अभिभावकों की भूमिका को भी अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया है।

वहीं निजी स्कूल संगठनों ने शुरुआती दौर में इस गाइडलाइन को लेकर कुछ आशंकाएं जताई थीं, खासकर प्रबंधन संरचना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर। मंत्रालय के इस स्पष्टीकरण के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है और निजी बिना सहायता प्राप्त स्कूलों को राहत मिली है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने की दिशा में उठाया गया है, जहां सरकारी स्कूलों में जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ निजी संस्थानों की स्वायत्तता भी सुरक्षित रखी गई है।

कुल मिलाकर, शिक्षा मंत्रालय के इस बयान से यह साफ हो गया है कि नई SMC गाइडलाइंस 2026 का दायरा सीमित है और यह केवल निर्धारित श्रेणी के स्कूलों पर ही लागू होंगी, जबकि निजी बिना सहायता प्राप्त स्कूलों को केवल प्रोत्साहन आधारित मॉडल के तहत शामिल किया गया है।

Next Story