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बंद कार में दम घुटने से 5 वर्षीय मासूम की मौत, गांव में मातम
Shantanu Roy
21 May 2026 4:46 PM IST

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Hardoi. हरदोई। हरदोई जिले के कछौना थाना क्षेत्र के टिकारी गांव में बुधवार को एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें खेलते-खेलते बंद कार में फंसने से पांच वर्षीय मासूम अभय की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह अभय अपने घर के पास बने हौद में नहाने के लिए गया था। नहाने के बाद वह घर के बाहर खड़ी एक कार के पास पहुंच गया और खेलते-खेलते कार के अंदर बैठ गया। इसी दौरान कार का दरवाजा अचानक लॉक हो गया, जिससे वह अंदर ही फंस गया। मासूम बाहर निकलने का प्रयास करता रहा, लेकिन दरवाजा न खुलने के कारण वह कार के भीतर ही बंद रह गया।
भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण खड़ी कार कुछ ही समय में अत्यधिक गर्म हो गई। बताया जा रहा है कि ऐसी स्थिति में बंद वाहन के अंदर तापमान तेजी से बढ़ जाता है और ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसी कारण मासूम को सांस लेने में दिक्कत हुई और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों को जब काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आया तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। घंटों की खोजबीन के बाद जब परिवार वालों ने कार का दरवाजा खोला तो पीछे की सीट पर अभय बेसुध हालत में पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। परिवार के लोग इस दर्दनाक हादसे से पूरी तरह टूट गए हैं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कार ऑटोमैटिक लॉक सिस्टम के कारण बंद हो गई थी, जिससे बच्चा बाहर नहीं निकल सका। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में धूप में खड़ी कार के अंदर तापमान कुछ ही मिनटों में 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच सकता है। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन को हमेशा लॉक रखना चाहिए और उसकी चाबियां बच्चों की पहुंच से दूर रखनी चाहिए। साथ ही बच्चों को यह भी समझाना जरूरी है कि कार या अन्य वाहन खेलने की जगह नहीं होते। अभय की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और यह घटना हर माता-पिता के लिए एक चेतावनी बन गई है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
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