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बैंक फ्रॉड केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग गिरफ्तार

SHIDDHANT
30 Jan 2026 11:19 PM IST
बैंक फ्रॉड केस में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग गिरफ्तार
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Delhi दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की स्पेशल टास्क फोर्स ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े एक बड़े बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कंपनी के पूर्व डायरेक्टर पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई। ईडी के अनुसार, यह मामला आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों द्वारा कथित रूप से 40,000 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक फ्रॉड और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। यह जांच 21 अगस्त 2025 को दर्ज सीबीआई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
जांच में खुलासा हुआ कि पुनीत गर्ग ने 2001 से 2025 तक विभिन्न वरिष्ठ प्रबंधन और निदेशक पदों पर रहते हुए अपराध से अर्जित धन को खरीदने, छिपाने और खर्च करने में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने 2006 से 2013 तक प्रेसिडेंट के तौर पर ग्लोबल एंटरप्राइज बिजनेस संभाला, 2014-2017 तक प्रेसिडेंट (रेगुलेटरी अफेयर्स) रहे और अक्टूबर 2017 से अप्रैल 2025 तक एग्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
ईडी ने यह भी खुलासा किया कि अपराध से अर्जित धन को आरकॉम की विदेशी सहायक कंपनियों और ऑफशोर एंटिटीज के माध्यम से डायवर्ट किया गया। इस अवैध धन का इस्तेमाल अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मैनहट्टन इलाके में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम अपार्टमेंट खरीदने के लिए किया गया। यह संपत्ति आरकॉम के कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) के दौरान कथित धोखाधड़ी से बेची गई थी।
ईडी के अनुसार, इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि को अमेरिका से फर्जी निवेश व्यवस्था के माध्यम से ट्रांसफर किया गया, जिसे पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था। बैंक लोन के रूप में लिए गए सार्वजनिक धन का उपयोग पुनीत गर्ग ने अपने निजी खर्चों, जैसे बच्चों की विदेश पढ़ाई के लिए भी किया।
गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए), राउज़ एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में पेश किया गया। अदालत ने ईडी को 9 दिनों की कस्टडी रिमांड दी है। इस दौरान एजेंसी अपराध से जुड़ी शेष राशि का पता लगाएगी, अन्य लाभार्थियों की पहचान करेगी और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क और लेनदेन को उजागर करेगी।
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