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रामपुर जेल पहुंची ED आजम खान से मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ
Ratna Netam
13 Oct 2026 2:57 PM IST

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रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल पहुंची और उनसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ की। यह मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और सरकारी ठेकों की धनराशि के इस्तेमाल से संबंधित है। एजेंसी इस मामले में पहले से जांच कर रही है।ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जेल पहुंचकर आजम खान से मामले के विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए। जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी ने अब तक जुटाए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उनसे पूछताछ की। जिस बैरक में आजम खान बंद हैं, वहीं उनका बयान दर्ज किया गया।
जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े लेन-देन की जांच
प्रवर्तन निदेशालय की जांच का मुख्य केंद्र मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और उससे संबंधित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी ठेकों के माध्यम से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।जांच में यह आरोप सामने आया है कि कुछ निजी ठेकेदारों के जरिए सरकारी ठेकों से संबंधित धनराशि को दूसरी जगह भेजा गया। इसके बाद कथित तौर पर इस रकम का इस्तेमाल जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण सहित विभिन्न कार्यों में किया गया।ईडी इस कथित लेन-देन की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि संबंधित ठेकेदारों, ट्रस्ट और विश्वविद्यालय के बीच वित्तीय संबंध किस प्रकार के थे।
सरकारी ठेकों की रकम को लेकर पूछे गए सवाल
जांच एजेंसी के सामने महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकारी ठेकों से प्राप्त रकम का कोई हिस्सा निजी ठेकेदारों के माध्यम से जौहर ट्रस्ट या विश्वविद्यालय तक पहुंचाया गया था या नहीं।इसी सिलसिले में आजम खान से ट्रस्ट के वित्तीय मामलों, निर्माण कार्यों और संबंधित लेन-देन के बारे में पूछताछ की गई। एजेंसी यह भी जांच रही है कि ट्रस्ट को मिली धनराशि का वास्तविक स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में हुआ।इस मामले में बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और निर्माण कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। हालांकि जांच पूरी होने तक कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पहले 10 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है ED
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय पहले भी कार्रवाई कर चुका है। 19 अगस्त 2026 को ईडी ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय से जुड़े कुल 10 परिसरों में तलाशी ली थीयह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई थी। उस दौरान एजेंसी ने वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की थी।ईडी का उद्देश्य कथित तौर पर दूसरी जगह भेजी गई धनराशि का पता लगाना और यह समझना था कि संबंधित रकम किन माध्यमों से ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय तक पहुंची।
ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ
आजम खान से पहले एजेंसी ने इस मामले में कई अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की है। इनमें ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय कार्यों की जानकारी रखने वाले लोग और ठेकेदार शामिल हैं।6 अक्टूबर को एजेंसी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल से पूछताछ की थी। इस दौरान ट्रस्ट की आय, खर्च और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाई गई थी।
आजम खान के बयान की जांच करेगी एजेंसी
मंगलवार को हुई पूछताछ को ईडी की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसी आजम खान के बयान का मिलान पहले से जुटाए गए साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों से कर सकती है।फिलहाल मामले की जांच जारी है। आजम खान से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। अभी तक इस जांच में उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप अदालत में साबित होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
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