दिल्ली-एनसीआर

पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 500 अकाउंट्स की पहचान

Saba Naaz
29 July 2026 7:21 PM IST
पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, 500 अकाउंट्स की पहचान
x

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य संवैधानिक प्रमुखों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और मानहानि करने वाली सामग्री पोस्ट करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस भेजकर विवादित सामग्री हटाने और संबंधित यूजर्स की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर में आपराधिक धमकी, सार्वजनिक उपद्रव और मानहानि जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट प्रधानमंत्री और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचाने वाले पाए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यह आपत्तिजनक सामग्री कथित तौर पर जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी। पुलिस ने इन पोस्ट की जांच के दौरान कई ऐसे अकाउंट्स की पहचान की है, जहां से विवादित सामग्री साझा की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों को भेजे गए नोटिस में कहा है कि इस तरह के कंटेंट का लगातार प्रसार कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है और समाज में तनाव पैदा कर सकता है। पुलिस ने प्लेटफॉर्म्स से तीन घंटे के भीतर संबंधित पोस्ट, अकाउंट और यूआरएल को हटाने या उन तक पहुंच रोकने को कहा है।

इसके साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया है कि संबंधित डेटा, लॉग और यूजर डिटेल्स को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान इनका इस्तेमाल सबूत के रूप में किया जा सके। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री फैलाना साइबर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

जांच में सामने आया है कि पुलिस ने करीब 500 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है, जिनसे कथित रूप से डीपफेक और एआई जनरेटेड सामग्री साझा की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इन अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को जानकारी दी गई है। पुलिस ने ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक करने की सिफारिश भी की है।

अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और फर्जी सामग्री समाज में भ्रम फैलाने का काम कर सकते हैं। इसलिए पुलिस इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।

वहीं, जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई की है। संसद मार्ग थाने में पत्रकार के साथ छेड़छाड़ और हमला करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना से जुड़े कम से कम 10 वीडियो की पहचान की गई है, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी पत्रकारों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे हैं।

एफआईआर के अनुसार, महिला पत्रकार 20 जुलाई को केरल हाउस के बाहर प्रदर्शन की कवरेज कर रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और रिपोर्टिंग में बाधा डालने की कोशिश की। आरोप है कि कुछ लोगों ने कैमरे के सामने तिरंगा लहराकर रिकॉर्डिंग रोकने का प्रयास किया। पत्रकार ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने उनके सिर पर किसी वस्तु से हमला किया और बाद में वहां से फरार हो गया।

दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस डिजिटल माध्यमों पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अन्य अकाउंट्स के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

Next Story