भारत

BIG BREAKING: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू

Shantanu Roy
29 July 2026 6:01 PM IST
BIG BREAKING: राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू
x
देखें VIDEO...
New Delhi. नई दिल्ली। राहुल गांधी ने कहा संसद में मेरे भाषण के दौरान मैंने दिल्ली में छात्रों पर हुई बर्बरता का मुद्दा उठाया और इसके जिम्मेदार का नाम लिया, गृह मंत्री अमित शाह। मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया। आज शाम छह बजे राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। उन्होंने कहा है कि वो माइक बंद कर सकते हैं, छात्रों की गूंज नहीं।" राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद में एंटी पेपर लीक बिल समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चल रही है। इससे पहले भी राहुल गांधी ने सदन में छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा था कि देश के युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए और छात्रों के आंदोलन को सम्मान मिलना चाहिए। संसद के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक लगातार देखने को मिल रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कही ये बातें
एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास होने के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने नहीं दिया गया. साथ ही छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर अमित शाह से जवाब मांगा और कहा कि अगर गृह मंत्री को इसकी जानकारी थी तो जवाबदेही तय होनी चाहिए, नहीं थी तो उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है.
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने संसद परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा, "लोकसभा में मुझे बोलने नहीं दिया गया. विपक्ष के नेता के तौर पर जनता और छात्रों के मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है, लेकिन मेरी बात पूरी नहीं होने दी गई. इसलिए मैं यहां अपनी बात रखने आया हूं."
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने पांच तस्वीरें दिखाते हुए कहा, "संसद से सिर्फ 500 मीटर दूर भारत के बच्चों को मारा गया." उनका कहना था कि वह सदन में छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता का मुद्दा उठाना चाहते थे, लेकिन इसकी इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने मांग की कि जिन लोगों ने पैलेट गन चलाई, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने 25 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले में चिट्ठी लिखी थी.
उनका कहना था कि गृह मंत्री को दिल्ली पुलिस की ओर से लगातार ब्रीफिंग दी जा रही थी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद अमित शाह को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बात करते देखा था. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि अगर गृह मंत्री को इसकी जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर बात है, और अगर जानकारी थी तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई. बुधवार को भारी हंगामे और लंबी बहस के बाद लोकसभा ने एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया. सुबह विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित रही. कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद बिल पर चर्चा हुई, लेकिन राहुल गांधी का आरोप है कि उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा.

कई बार विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं दिया जाता, जबकि सरकार का कहना रहा है कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार संचालित की जाती है और सभी सदस्यों को संसदीय प्रक्रिया के तहत बोलने का अवसर मिलता है। राहुल गांधी की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वह छात्रों के मुद्दे, संसद में हुई कार्यवाही और केंद्र सरकार पर लगाए गए अपने आरोपों को विस्तार से रख सकते हैं। हालांकि, उनके आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी या गृह मंत्रालय की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर उठे इस विवाद का असर सदन के बाहर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि छात्र आंदोलन, प्रतियोगी परीक्षाएं और युवाओं से जुड़े मुद्दे इस समय राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख विषय बने हुए हैं। अब सभी की नजर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उस पर आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी है।

राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना पूछा है कि दो ही विकल्प हो सकते हैं. पहला विकल्प यह कि गृह मंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया या दूसरा विकल्प यह है कि गृह मंत्री को मालूम ही नहीं था कि फायरिंग होने वाली है. पहले मामले में वह दोषी हैं. दूसरे मामले में वह अयोग्य हैं. तीसरा तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता. या तो गृह मंत्री को पता नहीं था कि गोली चल रही है, जिसका मतलब है कि वह अयोग्य हैं या फिर उन्होंने आदेश दिया, जिस स्थिति में वह दोषी हैं. मैं सिर्फ यही कह रहा हूं. यह सीधी-सी लॉजिक है। राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है. ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे हो रहा है. 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते।

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं. निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था. राहुल गांधी ने कहा कि हमने गृह मंत्री को कार केड में देखा. वह कहां हैं. उनमें सदन में बैठने का साहस नहीं है. स्पीकर ने कहा कि जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उसके मंत्री यहां बैठे हैं. आज होम मिनिस्ट्री पर चर्चा नहीं है. जिस विधेयक पर चर्चा है, उसके मंत्री बैठे हैं. यही व्यवस्था रहती है सदन के अंदर. राहुल गांधी ने कहा कि आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें. इस पर लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बहुत गलत बात राहुल गांधी ने बोली है. ऐसा नहीं बोल सकते. किस बेस पर ये बात बोली है. आपको फायरिंग के आदेश की बात किसने बताई. ट्रेजरी बेंच से राहुल गांधी के माफी मांगने की मांग उठी, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्षी सदस्य गृह मंत्री के माफी मांगने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं.

स्पीकर ने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और पूछा कि अगर नहीं बोलने चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊं. ऐसे मौके हमने पहले भी देखे हैं इसी सदन में जब आप नेता सदन को बोलने नहीं देते. किरेन रिजिजू ने कहा कि अच्छी डिबेट चल रही है, आप ऐसी परिस्थिति मत खड़ा कीजिए. प्रधानमंत्री को कई बार बोलने नहीं दिया. आज तो आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. आपके शब्द पर आपत्ति है. इतना ही तो है. आप इमोशनल चेहरा दिखाकर गुमराह नहीं कर सकते. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल किसी के लिए नहीं किया है, बस कैटेगरी बताई है जो है. अगर आप लोग चाहते हैं कि यहां सिर्फ बीजेपी बोले, तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं. कोई दिक्कत नहीं है. जब भी बोलता हूं, रिजिजू जी खड़े हो जाते हैं. आप उनको जगह दे रहे हैं. स्पीकर ने इस पर कहा कि सदन में अच्छी व्यवस्थाएं, मर्यादाएं रही हैं. हमें अच्छी मर्यादा बनाने का प्रयास करना चाहिए. जो सदन में मर्यादा तर्क से बोलता है, देश भी सुनता है और सम्मान भी करता है. शब्दों का चयन ऐसा हो, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप हो. राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शब्द का उपयोग नेता प्रतिपक्ष ने किया है, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाए. राहुल गांधी को सुना जाए.

राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है. उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त. ये तीन कैटेगरी हैं. छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं. स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है. वर्षों पढ़ते हैं. इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल नहीं करते हैं. ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं. इसे एक्सपंज किया जाए. स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं. इस पर स्पीकर ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है. एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है. अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं.
Next Story