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दिल्ली पुलिस ने एक हजार फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र बेचने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, एक आरोपी गिरफ्तार
Sarita
29 April 2022 11:36 AM IST

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फाइल फोटो
दिल्ली में रोहिणी साइबर पुलिस स्टेशन ने फर्जी मार्कशीट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। दिल्ली में रोहिणी साइबर पुलिस स्टेशन ने फर्जी मार्कशीट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक करीब एक हजार फर्जी अंकपत्र एवं अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र बेच चुका है।
डीसीपी प्रणव तयाल ने बताया कि दीपक कुमार ने 15 अप्रैल को शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि उसने फेसबुक पर यमुना आईएएस नाम की संस्था के विभिन्न कोर्स के विषय में पड़ताल की। फिर वह बताए हुए पते पर पहुंच गया, जहां उसे साढ़े तीन लाख रुपये में बीएचएमएस में प्रवेश का झांसा दिया गया। पीड़ित ने ढाई लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसे एडमिशन नहीं दिया गया तो ठगी का अहसास हुआ। मामले में इंस्पेक्टर अजय दलाल के नेतृत्व में एसआई सोहन लाल की टीम गठित की गई। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर छापा मारकर शकरपुर इलाके से जितेंद्र साहू को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और विभिन्न बोर्ड के 65 फर्जी अंकपत्र भी बरामद किए गए।
आरोपी ने बताया कि वह आईएएस की तैयारी करने वालों को गणित आदि पढ़ाता था, लेकिन लॉकडाउन में काम बंद हो गया। फिर वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर फर्जी अंकपत्र बेचने का काम शुरू कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ वॉट्सऐप के जरिए सम्पर्क करता था। अब तक यह गिरोह करीब एक हजार अंकपत्र बेच चुका है।
जांच में पता चला है कि आरोपी कुछ विश्वविद्यालयों की वेबसाइट भी हैक कर उसके डेटा में छेड़छाड़ करते थे। इसके अलावा फर्जी डोमेन नाम के आधार पर वेबसाइट बनाकर उसे मार्कशीट खरीदने वालों को भेजते थे ताकि वे डाउनलोड कर सकें और उन्हें ठगी का अहसास न हो। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
जीएसटी नंबर लेकर करोड़ों का फर्जीवाड़ा
नई दिल्ली (व.सं.)। साइबर ठगों ने महिला के नाम पर फर्जी जीएसटी नंबर लेकर करोड़ों का लेन-देन कर लिया। पीड़ित 55 वर्षीय ऋतु वासुदेव को इस बात का पता तब चला, जब उनके पास आयकर विभाग की ओर अग्रिम एडवांस टैक्स के भुगतान का संदेश आया। पीड़ित ने आयकर विभाग के पोर्टल पर जांच की तो पता चला कि फर्जी तरीके से जीएसटी नंबर जारी करवाकर कारोबार के नाम पर 8 करोड़ से भी ज्यादा का लेन-देन किया गया था। मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिंक अपराध शाखा ने एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद बुधवार को आईपीसी की धारा 420, 468, 471 व 120बी के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल मामले में आगे की छानबीन की जा रही है।
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