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Delhi : बारिश थमते ही बढ़ी गर्मी, दो दिन में तापमान छह डिग्री चढ़ा

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में बारिश का दौर थमने के बाद एक बार फिर गर्मी ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों तक लगातार हुई वर्षा के कारण मौसम सुहावना बना हुआ था, लेकिन अब आसमान साफ होने और धूप तेज होने से तापमान में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले दो दिनों में ही राजधानी के अधिकतम तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक और इजाफा हो सकता है।
मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानसूनी बारिश में आई कमी और बादलों का प्रभाव घटने के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं। इससे दिन के समय गर्मी और उमस दोनों में वृद्धि महसूस की जा रही है। हालांकि मानसून पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन फिलहाल बारिश की गतिविधियों में कमी आने से तापमान लगातार ऊपर जा रहा है।
आईएमडी के मुताबिक, पिछले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में करीब छह डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मौसम में तेजी से बदलाव का संकेत है। बारिश के दौरान तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ था, लेकिन अब यह फिर सामान्य या उससे ऊपर पहुंचने की ओर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बनी रहती है। ऐसे में जब तेज धूप निकलती है तो उमस बढ़ जाती है और लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है। यही वजह है कि राजधानी में इन दिनों दिन के समय चिलचिलाती धूप के साथ उमस भी लोगों को परेशान कर रही है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। यदि बारिश की नई प्रणाली सक्रिय नहीं होती है, तो गर्मी का असर और अधिक बढ़ सकता है। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल छाए रहने की संभावना से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन व्यापक बारिश के तत्काल संकेत नहीं हैं।
बारिश थमने के बाद राजधानी में लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित होने लगी है। दोपहर के समय सड़कों पर तेज धूप के कारण आवाजाही कम देखने को मिल रही है। वहीं, उमस बढ़ने से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग में भी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की खपत में वृद्धि हो सकती है। बिजली वितरण कंपनियां भी मांग बढ़ने की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून के दौरान ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। किसी सक्रिय वर्षा प्रणाली के कमजोर पड़ने पर कुछ दिनों तक तापमान बढ़ जाता है, जबकि नई प्रणाली बनने पर फिर बारिश शुरू हो सकती है और तापमान में गिरावट दर्ज होती है। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति मानसूनी गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
दिल्ली-एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। बारिश कम होने से तापमान और उमस दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचने, शरीर में पानी की कमी न होने देने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं होती है तो राजधानी में गर्मी और उमस का प्रभाव और अधिक महसूस किया जाएगा। वहीं, जैसे ही मानसून की कोई नई सक्रिय प्रणाली दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित करेगी, तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल राजधानी में बारिश के बाद लौटती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में तापमान पर मौसम विभाग की लगातार नजर बनी हुई है।





