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दिल्ली HC सख्त, चैनलों को विज्ञापन समय सीमित करने के निर्देश

Saba Naaz
9 July 2026 8:28 PM IST
दिल्ली HC सख्त, चैनलों को विज्ञापन समय सीमित करने के निर्देश
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नई दिल्ली। टेलीविजन दर्शकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने टीवी चैनलों पर विज्ञापन प्रसारण की समय सीमा तय करने वाले टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नियम को बरकरार रखा है। इसके तहत टीवी चैनल अब एक घंटे में अधिकतम 12 मिनट तक ही विज्ञापन प्रसारित कर सकेंगे। हाई कोर्ट ने कहा कि विज्ञापनों की अवधि तय करना ट्राई के अधिकार क्षेत्र में आता है। अदालत के अनुसार, यह व्यवस्था दर्शकों को बेहतर देखने का अनुभव देने और लंबे विज्ञापन ब्रेक से होने वाली परेशानी को कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

न्यायमूर्ति अनिल क्षेत्रपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने टीवी प्रसारकों और उद्योग संगठनों की ओर से दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए ट्राई के नियम को वैध ठहराया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि वर्ष 2004 में प्रसारण और केबल सेवाओं को दूरसंचार सेवाओं के दायरे में शामिल किया गया था। इसके बाद ट्राई को सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़े मानक तय करने का अधिकार मिला। इसी अधिकार के तहत विज्ञापनों के समय को नियंत्रित करने का प्रावधान भी आता है।

ट्राई के नियम के अनुसार, टीवी चैनल एक घंटे में अधिकतम 10 मिनट व्यावसायिक विज्ञापन और 2 मिनट सेल्फ-प्रमोशनल कंटेंट प्रसारित कर सकते हैं। यानी कुल मिलाकर विज्ञापन की सीमा 12 मिनट निर्धारित की गई है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस नियम का उद्देश्य विज्ञापनों को पूरे प्रसारण समय में संतुलित तरीके से दिखाना है, ताकि दर्शकों को लगातार लंबे विज्ञापन ब्रेक का सामना न करना पड़े। इससे टीवी कार्यक्रम देखने का अनुभव बेहतर होगा।

टीवी प्रसारकों और कुछ उद्योग संगठनों ने इस नियम को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया था। उनका तर्क था कि विज्ञापन समय को सीमित करने से चैनलों के व्यावसायिक हित प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और ट्राई के अधिकार को सही माना। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियामक संस्थाओं का उद्देश्य केवल उद्योग को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना भी है। लंबे विज्ञापन ब्रेक से दर्शकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए यह नियम जरूरी है।

इस फैसले के बाद टीवी दर्शकों को उम्मीद है कि अब कार्यक्रमों के दौरान बार-बार आने वाले लंबे विज्ञापन ब्रेक में कमी आएगी। खासकर मनोरंजन कार्यक्रम, खेल प्रसारण और समाचार चैनलों पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत के इस फैसले से टीवी प्रसारण क्षेत्र में विज्ञापन और दर्शक अनुभव के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। चैनलों को अब विज्ञापन रणनीति में बदलाव करना होगा और निर्धारित समय सीमा का पालन करना होगा।

दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद ट्राई के विज्ञापन नियमों को और मजबूती मिली है। अब सभी टीवी चैनलों को प्रति घंटे विज्ञापन समय की तय सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।

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