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दिल्ली EV पॉलिसी 2026: इंसेंटिव के लिए नया पोर्टल जल्द होगा लॉन्च

New Delhi नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी 2026 के तहत ईवी खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी कि ईवी इंसेंटिव के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल अगले चार से पांच दिनों में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। इस पोर्टल के शुरू होने के बाद पात्र इलेक्ट्रिक वाहन खरीदार आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी और इंसेंटिव अब सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। यह प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित होगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से पात्र आवेदकों को खरीद और स्क्रैपिंग दोनों तरह के इंसेंटिव का लाभ मिलेगा। इसके लिए खरीदारों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खरीद के लिए इंसेंटिव का दावा करने हेतु खरीदारों को डीलर द्वारा जारी खरीद प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। वहीं स्क्रैपिंग इंसेंटिव के लिए वाहन मालिकों को यह प्रमाण देना होगा कि उनकी पुरानी गाड़ी को किसी अधिकृत स्क्रैपिंग फैसिलिटी में नष्ट किया गया है और इसके बदले उन्होंने नई इलेक्ट्रिक वाहन खरीदी है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टल शुरू होने के बाद किसी भी पात्र EV खरीदार को रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) बनने के 30 दिनों के भीतर ही इंसेंटिव के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई श्रेणियों में इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। इसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और N1 श्रेणी के ट्रकों पर खरीद इंसेंटिव शामिल है। इसके अलावा, पुरानी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने को बढ़ावा देना है। इसी दिशा में यह डिजिटल पोर्टल एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी।
परिवहन विभाग का कहना है कि पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया सरल और तेज होगी, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी दावों का सत्यापन डिजिटल तरीके से किया जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी। साथ ही यह नीति पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से ईवी अपनाने की गति तेज होगी और राजधानी में प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में पोर्टल लॉन्च होने के बाद आवेदन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।





