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LPG कीमतों में राहत: कमर्शियल गैस सिलेंडर 183.50 रुपये सस्ता

New Delhi नई दिल्ली : देश में रेस्तरां और भोजनालयों को बड़ी राहत देते हुए 1 जुलाई से वाणिज्यिक एलपीजी (कमर्शियल एलपीजी) की कीमतों में 183.50 रुपये की कटौती की गई है। इस बदलाव के बाद होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के संचालन लागत में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटकर अब 2,930 रुपये हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत इससे अधिक थी, लेकिन नई दरों के लागू होने के बाद व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को सीधे तौर पर लागत में कमी का लाभ मिलेगा।
इसके साथ ही 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है। इसमें लगभग 13 रुपये की कमी की गई है। अब दिल्ली में 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर की कीमत 808.50 रुपये निर्धारित की गई है। छोटे व्यवसायों और घरेलू स्तर पर सीमित उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को इससे आंशिक राहत मिलेगी।
वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में यह कटौती विशेष रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबों और छोटे खाद्य व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इन व्यवसायों की लागत में एलपीजी का बड़ा हिस्सा होता है। कीमतों में कमी से उनकी संचालन लागत में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है, जिससे ग्राहकों तक भी इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पहुंच सकता है।
हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई राहत नहीं दी गई है, क्योंकि घरेलू उपयोग वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि यह कटौती केवल व्यावसायिक क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के कारण समय-समय पर घरेलू और व्यावसायिक गैस दरों में संशोधन किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत यह नई दरें लागू की गई हैं।
रेस्तरां और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती लागत के कारण व्यवसाय पर दबाव बढ़ रहा था, ऐसे में यह कटौती कुछ राहत प्रदान करेगी।
दूसरी ओर, उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी राहत दी जानी चाहिए, क्योंकि आम परिवारों पर भी महंगाई का असर लगातार बना हुआ है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा हर महीने की शुरुआत में एलपीजी दरों की समीक्षा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर कीमतों में बदलाव किया जाता है। इसी क्रम में 1 जुलाई से नई दरें लागू की गई हैं।
इस निर्णय से जहां व्यावसायिक क्षेत्र को थोड़ी राहत मिली है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को अभी भी किसी बदलाव का इंतजार है। आने वाले समय में एलपीजी की कीमतों में और बदलाव की संभावना बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।





