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सिलेंडर विस्फोट और फैक्ट्री में आग, नरेला में कुछ घंटों के भीतर दो हादसे

nidhi
7 Oct 2026 9:48 AM IST
सिलेंडर विस्फोट और फैक्ट्री में आग, नरेला में कुछ घंटों के भीतर दो हादसे
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नरेला में दो बड़े अग्निकांड, एक महिला की मौत से मचा हड़कंप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के नरेला क्षेत्र में मंगलवार रात और बुधवार तड़के आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। पहली घटना सन्नौठ गांव में हुई, जहां रसोई में एलपीजी सिलेंडर में आग लगने के बाद 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई। दूसरी घटना भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र की है, जहां दो प्लास्टिक दाना फैक्ट्रियां भीषण आग की चपेट में आ गईं और भारी नुकसान हुआ।

सन्नौठ गांव में मंगलवार रात एक मकान की रसोई में अचानक एलपीजी सिलेंडर में आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी। इसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट होने की बात सामने आई। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद घटनास्थल की जांच की गई। प्रारंभिक तौर पर सिलेंडर से जुड़े हादसे की बात सामने आई है, लेकिन आग किस वजह से लगी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
इस हादसे से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सिलेंडर फटने की आवाज से कॉलोनी में दहशत फैल गई। लोगों ने दमकल और पुलिस को सूचना देने के साथ बचाव में भी मदद की। इसके कुछ घंटों बाद नरेला के भोरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में आग की दूसरी बड़ी घटना सामने आई। यहां दो प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्रियां आग की चपेट में आ गईं। प्लास्टिक और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण लपटें तेजी से फैलीं और आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आग इतनी तेज थी कि आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया।
राहत की बात यह रही कि फैक्ट्रियों में लगी आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि दोनों फैक्ट्रियों में रखा कच्चा माल, मशीनें और अन्य सामान आग से बुरी तरह प्रभावित हुआ। नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है। दमकल विभाग ने काफी प्रयास के बाद आग को नियंत्रित किया और इसे आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोक लिया। यदि आग पास की फैक्ट्रियों तक पहुंचती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। घरों में एलपीजी सिलेंडर के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ औद्योगिक इकाइयों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपात निकास और नियमित सुरक्षा जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।
नरेला औद्योगिक क्षेत्र में पहले भी फैक्ट्री में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में ज्वलनशील सामग्री का सुरक्षित भंडारण और बिजली व्यवस्था की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस और दमकल विभाग दोनों ही घटनाओं के कारणों की जांच कर रहे हैं। सन्नौठ गांव में महिला की मौत के मामले में सिलेंडर और रसोई की स्थिति की जांच की जाएगी, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में आग लगने की वजह का पता लगाने का प्रयास जारी है।
कुछ ही घंटों के अंतराल में हुई इन दो घटनाओं ने पूरे नरेला क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ सन्नौठ गांव में एक परिवार ने महिला को खो दिया, वहीं दूसरी ओर दो फैक्ट्रियों में बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आग के सही कारणों का पता लगाना और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना है।
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