दिल्ली-एनसीआर

सड़क पार करना होगा आसान, बनेंगे 5 क्रॉसिंग

Kiran
25 Oct 2026 11:12 AM IST
सड़क पार करना होगा आसान, बनेंगे 5 क्रॉसिंग
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दिल्ली में व्यस्त सड़क चौराहों पर पांच नए पैदल यात्री क्रॉसिंग बनाए जाएंगे। सरकार का मकसद उन लोगों के लिए जोखिम कम करना है, जिन्हें अभी भारी ट्रैफिक के बीच से सड़कें पार करनी पड़ती हैं। दिल्ली सरकार दो स्काईवॉक और तीन फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाएगी। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर लगभग 20 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस योजना का उद्देश्य पैदल चलने वालों को सड़क पार करने के लिए जमीन के स्तर (ग्राउंड लेवल) के बजाय सुरक्षित विकल्प देना है।
इनमें से एक स्काईवॉक शाहदरा में DC ऑफिस के पास, नंद नगरी में रोड नंबर 68 और 69 के चौराहे पर बनेगा। इस जगह पर पैदल चलने वालों की काफी भीड़ रहती है और सड़क पार करने वाले लोगों की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। दूसरे स्काईवॉक के लिए, PWD ने निर्माण विहार मेट्रो रेड लाइट के पास एक प्रस्तावित ढांचे के लिए कंसल्टेंसी टेंडर जारी किया है। कंसल्टेंट इसका डिजाइन तैयार करेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर निकाला जाएगा।
इसके अलावा, शाहबाद डेयरी, जनकपुरी में जीवन पार्क बस स्टैंड, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मधुबन चौक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पास बेर सराय मार्केट और ओखला सब्जी मंडी के पास मुख्य सड़क पर भी फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाने की योजना है। पैदल चलने वालों के लिए इन सुविधाओं में लिफ्ट, एस्केलेटर और LED लाइटिंग शामिल होंगी। निर्माण शुरू होने के बाद, इन फुट ओवरब्रिजों को छह महीने के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है।
नंद नगरी स्काईवॉक का काम शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में लगभग आठ महीने लगेंगे। इस प्रोजेक्ट का मकसद ऐसे चौराहों पर पैदल चलने वालों की आवाजाही को आसान बनाना है, जहां सड़क पार करने वाले लोगों की भारी संख्या के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। सरकार रानी झांसी रोड पर झंडेवालान मंदिर के पास मौजूद फुट ओवरब्रिज को भी लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से फिर से विकसित (रीडेवलप) करेगी। यहां पैदल चलने वालों की बहुत भीड़ रहती है, जिससे सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है। इन सभी प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य पैदल चलने वालों को व्यस्त सड़क चौराहों से हटाकर, उनके लिए बनाए गए अलग ढांचों (जैसे स्काईवॉक और फुट ओवरब्रिज) की ओर ले जाना है। ऐसा उन जगहों पर किया जा रहा है जहां सुरक्षा और ट्रैफिक जाम एक बड़ी चिंता बन गए हैं।
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