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राहुल प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का देशव्यापी विरोध

Ratna Netam
7 Oct 2026 9:43 PM IST
राहुल प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेस का देशव्यापी विरोध
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन घोषित किया है। पार्टी ने कहा है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई तथा हिरासत के विरोध में 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे।कांग्रेस की ओर से जारी AICC नोट में आरोप लगाया गया कि बुधवार को INDIA गठबंधन के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया और बल प्रयोग किया। पार्टी ने दावा किया कि इस दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और कुछ लोग घायल भी हुए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
बुधवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई विपक्षी सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लगातार दूसरे दिन दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए गए थे।कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल के हस्ताक्षर वाले नोट में पार्टी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। नोट में कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर आगे बढ़ रहे थे।
पार्टी ने दावा किया कि सांसदों को जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। बुधवार को विपक्षी सांसदों को ले जा रही बसों को भी रोक दिया गया था और कुछ कांग्रेस नेता बसों की छत पर चढ़कर विरोध जताते दिखाई दिए। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस की भारी तैनाती की गई थी।इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर बैठकर और लेटकर विरोध करती नजर आईं। कांग्रेस सांसदों और अन्य विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी लाठीचार्ज का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को रोकने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई, जबकि बाद में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ दिया गया।
कांग्रेस ने अब इस घटनाक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है। पार्टी संगठन को निर्देश दिया गया है कि 8 अक्टूबर को प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन प्रदर्शनों में पुलिस कार्रवाई, SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कांग्रेस की मांगें प्रमुख मुद्दे रहेंगी।SIR को लेकर विपक्ष पिछले कई दिनों से चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। INDIA गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई हैं और योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। विपक्ष इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जवाबदेही की मांग कर रहा है।6 अक्टूबर को भी INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया था। पुलिस ने कई नेताओं को रास्ते में रोककर हिरासत में लिया था। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में लंबे समय तक धरना दिया।
इसके अगले दिन यानी बुधवार को विपक्ष ने फिर विरोध की कोशिश की। इस बार जंतर-मंतर की ओर मार्च की योजना बनाई गई थी, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा कारणों से कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। राहुल गांधी ने भी कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेंगे।कांग्रेस का कहना है कि SIR का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है। पार्टी की मांग है कि निर्वाचन आयोग प्रक्रिया से संबंधित सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दे और यदि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से प्रभावित हुआ है तो उसे सुधारने की प्रभावी व्यवस्था की जाए।दूसरी ओर चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन को अपनी नियमित और कानूनी जिम्मेदारी बताया है। आयोग का कहना है कि उसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं को सूची में बनाए रखना और अयोग्य या गलत प्रविष्टियों को हटाना है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी SIR के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के लिए विशेष कैंप लगाने की घोषणा की है।
कांग्रेस के लिए बुधवार की पुलिस कार्रवाई अब आंदोलन का नया मुद्दा बन गई है। AICC ने प्रदेश इकाइयों से कहा है कि वे जिला और ब्लॉक स्तर तक कार्यक्रम आयोजित करें। इससे साफ है कि पार्टी दिल्ली में हुए घटनाक्रम को राजधानी तक सीमित रखने के बजाय देशव्यापी राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी नोट में पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के सांसदों के साथ कथित व्यवहार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी ने प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आवाज से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से भागीदारी की अपील की है।दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस और विपक्ष के बीच अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर जाने से रोका, जबकि विपक्षी नेताओं का कहना है कि उन्हें शांतिपूर्ण विरोध करने से रोका गया।
इस बीच मंगलवार के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बताया है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था और बिना अनुमति प्रवेश से जुड़े मामलों के आधार पर की गई।अब 8 अक्टूबर को होने वाला कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन इस राजनीतिक टकराव का अगला चरण होगा। पार्टी की योजना राज्य से लेकर ब्लॉक स्तर तक कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतारने की है।कुल मिलाकर, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच मतभेद से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विरोध का बड़ा मुद्दा बन चुका है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
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