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Congress की वोटिंग अधिकार को मौलिक दर्जा देने की मांग

Kavita2
21 Jun 2026 3:02 PM IST
Congress की वोटिंग अधिकार को मौलिक दर्जा देने की मांग
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New Delhi नई दिल्ली : देश की चुनावी व्यवस्था, वोटर लिस्ट में बदलाव और वोटरों के अधिकारों को लेकर जारी बहस के बीच कांग्रेस ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का व्यवहार निष्पक्ष नहीं है और वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है।

जयराम रमेश ने कहा कि यदि वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार का दर्जा दिया जाता है, तो उसे अधिक मजबूत न्यायिक सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार केवल एक कानूनी अधिकार नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे संविधान में मौलिक अधिकार के रूप में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि यह लोकतंत्र की नींव है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में वोटरों के अधिकारों को और अधिक सुरक्षित करना जरूरी हो गया है।

इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के हाल के एक महत्वपूर्ण फैसले का भी उल्लेख किया, जिसमें फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया था। जयराम रमेश ने इसी आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब फुटपाथ पर चलने का अधिकार मौलिक अधिकार हो सकता है, तो वोट देने का अधिकार क्यों नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र के अस्तित्व और उसकी मजबूती के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। यदि नागरिकों को यह अधिकार सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से प्राप्त नहीं होगा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

कांग्रेस ने इस मांग को लोकतांत्रिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है और कहा है कि इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए। पार्टी का मानना है कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वहीं, राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद चर्चा तेज हो गई है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस की इस मांग ने एक बार फिर देश में चुनावी अधिकारों और लोकतांत्रिक ढांचे पर बहस को तेज कर दिया है।

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