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सियाचिन से कच्छ तक और समुद्री तटों से पूर्वोत्तर तक सेना ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

Kavita2
21 Jun 2026 2:40 PM IST
सियाचिन से कच्छ तक और समुद्री तटों से पूर्वोत्तर तक सेना ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
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New Delhi नई दिल्ली : सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों से लेकर कच्छ के विशाल रण तक और पूर्वोत्तर की पहाड़ियों से लेकर समुद्री क्षेत्रों में नौसेना के प्लेटफॉर्म तक, भारतीय सशस्त्र बलों ने पूरे देश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। इस अवसर पर सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों ने सामूहिक योगाभ्यास कर शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

सियाचिन जैसे अत्यंत कठिन और शून्य से नीचे तापमान वाले क्षेत्रों में तैनात जवानों ने भी योग सत्र में हिस्सा लिया। यहां बर्फीली परिस्थितियों के बावजूद सैनिकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में भी शरीर को चुस्त-दुरुस्त और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखना रहा।

वहीं दूसरी ओर, कच्छ के रण जैसे गर्म और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सैनिकों ने योग किया। यहां बड़े स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में जवानों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश दिया।

पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों में तैनात सैनिकों ने भी योग दिवस पर सक्रिय भागीदारी दिखाई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच जवानों ने योग कर यह संदेश दिया कि योग हर वातावरण और हर परिस्थिति में जीवन का हिस्सा बन सकता है।

नौसेना के जवानों ने समुद्र में मौजूद प्लेटफॉर्म और जहाजों पर योग दिवस मनाया। समुद्री परिस्थितियों में भी संतुलन और एकाग्रता बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को महत्वपूर्ण बताया गया। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान योग मानसिक स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।

वायुसेना के जवानों और अन्य रक्षा इकाइयों ने भी अपने-अपने ठिकानों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में अधिकारियों और जवानों ने मिलकर विभिन्न योगासन, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास किया।

सशस्त्र बलों ने इस अवसर पर कहा कि योग न केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और अनुशासन को भी बढ़ाता है, जो सैन्य जीवन का अहम हिस्सा है। योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करने से तनाव कम होता है और कार्यक्षमता में सुधार आता है।

पूरे देश में आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों की कार्यक्षमता को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों ने देशभर में विविध भौगोलिक परिस्थितियों में योग कर एकजुटता, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का मजबूत संदेश दिया।

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