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राष्ट्रपति भवन पहुंचे CM फडणवीस सिंहस्थ कुंभ मेले में शामिल होने का दिया आमंत्रण
Ratna Netam
21 Oct 2026 5:04 PM IST

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इसी क्रम में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, कैबिनेट मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इस दौरान राष्ट्रपति को 31 अक्टूबर को नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया। यह समारोह सिंहस्थ कुंभ मेले के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रपति को दिया विशेष निमंत्रण
राष्ट्रपति भवन में आयोजित मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सिंहस्थ कुंभ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी।उन्होंने राष्ट्रपति से 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया। महाराष्ट्र सरकार इस आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में जुटी हुई है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
31 अक्टूबर को होगा सिंहस्थ कुंभ का औपचारिक शुभारंभ
नासिक और त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके साथ सिंहस्थ कुंभ मेले का औपचारिक शुभारंभ होगा, जबकि प्रमुख धार्मिक स्नान आयोजन वर्ष 2027 में होने हैं।नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।इस आयोजन का हिंदू धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व है। सिंहस्थ कुंभ मेला देश के प्रमुख आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु भाग लेते हैं।
गोदा आरती समेत कई कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण
महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रपति को ध्वजारोहण के अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।इनमें गोदावरी नदी के तट पर आयोजित गोदा आरती, नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ और कुंभ मेले के विशेष थीम गीत का लोकार्पण शामिल है।इसके अलावा कुंभ मेले पर आधारित कॉफी टेबल बुक के विमोचन और स्मारक डाक टिकट के अनावरण का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति को भेंट किया महाराष्ट्र की संस्कृति का अनोखा उपहार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाला विशेष उपहार भेंट किया।इस उपहार में राज्य की आध्यात्मिक परंपराओं, जनजातीय उद्यमशीलता, पारंपरिक वस्त्र निर्माण, कृषि उत्पादों और स्थानीय खान-पान की विशेष झलक देखने को मिली।उपहार में महाराष्ट्र के जनजातीय विकास विभाग की पहल शबरी नेचुरल्स से जुड़े उत्पाद शामिल किए गए। इनमें अगरबत्ती, मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थ, महुआ से तैयार उत्पाद, बांस के हस्तशिल्प और वन शहद शामिल थे।इन वस्तुओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों की पारंपरिक कला और स्थानीय उद्यमिता को प्रदर्शित किया गया।
पैठणी साड़ी और स्थानीय उत्पाद भी किए भेंट
विशेष उपहार में महाराष्ट्र के येवला क्षेत्र की प्रसिद्ध पैठणी साड़ी भी शामिल थी। यह साड़ी राज्य की पारंपरिक वस्त्र कला और हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।इसके साथ नासिक की कृषि पहचान को दर्शाने के लिए काली किशमिश और काजू भी रखे गए। स्थानीय खान-पान की संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए चिवड़ा, मिठाइयां और सूखे मेवों से जुड़े उत्पाद भी भेंट किए गए।उपहार के साथ दिया गया निमंत्रण भी विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। इसमें त्रिआयामी कलाकृति के माध्यम से सिंहस्थ कुंभ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाया गया।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार नासिक और त्र्यंबकेश्वर में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर काम कर रही है।श्रद्धालुओं की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है।राज्य के कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने भी भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता बताया है।
महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक होगा आयोजन
सिंहस्थ कुंभ मेला महाराष्ट्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को दिए गए औपचारिक निमंत्रण से इस आयोजन की राष्ट्रीय महत्ता भी सामने आई है।अब 31 अक्टूबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
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