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विश्व पर्यटन दिवस पर सफदरजंग के मकबरे में चला सफाई अभियान

Kavita2
27 Sept 2026 11:54 AM IST
विश्व पर्यटन दिवस पर सफदरजंग के मकबरे में चला सफाई अभियान
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नई दिल्ली। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को पर्यटन मंत्रालय की ओर से दिल्ली स्थित सफदरजंग के मकबरे में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। यह अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ मुहिम के तहत आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व वाले स्थल पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सार्वजनिक तथा विरासत स्थलों को साफ रखने के लिए प्रेरित करना रहा।

केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार की अगुवाई में आयोजित इस अभियान में पर्यटन मंत्रालय के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म से जुड़े संस्थानों के छात्र और फैकल्टी सदस्य भी सफाई अभियान में शामिल हुए। प्रतिभागियों ने सफदरजंग के मकबरे परिसर में सफाई गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यटन और स्वच्छता को एक-दूसरे से जोड़ने पर जोर दिया गया। पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई का सीधा संबंध वहां आने वाले पर्यटकों के अनुभव से भी जुड़ा है। ऐतिहासिक स्मारकों और उनके आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने से इन स्थलों की सुंदरता और पर्यटक आकर्षण को बनाए रखने में मदद मिलती है।

सफदरजंग का मकबरा दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में शामिल है। यहां देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस ऐतिहासिक स्थल पर सफाई अभियान के जरिए विरासत स्थलों के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर संदेश देने का प्रयास किया गया।

अभियान के दौरान पर्यटन मंत्रालय के कर्मचारियों के अलावा हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म संस्थानों से जुड़े युवाओं की भागीदारी भी रही। छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने सफाई गतिविधियों में हिस्सा लेकर अभियान को आगे बढ़ाया। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी से स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की गई।

पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने बताया कि ‘विश्व स्वच्छता दिवस’ को ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के हिस्से के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पखवाड़ा 16 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा।

इसी अवधि में अलग-अलग स्तर पर स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पर्यटन मंत्रालय की ओर से भी ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व वाले स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है।

पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। किसी स्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ वहां की साफ-सफाई भी पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करती है। इसलिए पर्यटन स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता अभियान और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जाता है।

सफदरजंग के मकबरे में आयोजित अभियान इसी उद्देश्य से जुड़ा रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने परिसर की साफ-सफाई में योगदान दिया। मंत्रालय के कर्मचारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े छात्रों तथा शिक्षकों ने मिलकर अभियान में भाग लिया।

विश्व पर्यटन दिवस हर साल पर्यटन के महत्व और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। पर्यटन से संस्कृति, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में पर्यटन स्थलों का रखरखाव और स्वच्छ वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है।

भारत में बड़ी संख्या में ऐतिहासिक स्मारक और सांस्कृतिक स्थल हैं। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित ये स्थल पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इन स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए सरकारी संस्थाओं के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी होती है।

पर्यटन मंत्रालय के इस अभियान में हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म संस्थानों के छात्रों को शामिल करने का एक उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता अभियान से जोड़ना भी रहा। पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले छात्रों के लिए स्वच्छता और पर्यटक सुविधाओं की समझ उनके भविष्य के पेशेवर काम से भी जुड़ी है।

अभियान के दौरान सफदरजंग के मकबरे के परिसर में सफाई पर ध्यान दिया गया। ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास साफ वातावरण बनाए रखना इन स्थलों की दृश्य सुंदरता के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा के लिए भी आवश्यक है।

केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने बताया कि स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां 16 से 30 सितंबर तक चलने वाले स्वच्छता पखवाड़े के तहत आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर सफदरजंग के मकबरे में अभियान चलाया गया।

‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी संस्थानों के छात्र तथा फैकल्टी सदस्य भी इसमें शामिल हुए।

ऐतिहासिक स्थलों पर इस तरह के अभियान लोगों को यह संदेश देने का माध्यम भी बनते हैं कि स्मारकों और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भूमिका भी इसमें महत्वपूर्ण है।

पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने से वहां आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण मिलता है। साथ ही ऐतिहासिक स्मारकों की गरिमा और उनके आसपास के क्षेत्र की स्थिति को बनाए रखने में भी मदद मिलती है।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान ने पर्यटन और स्वच्छता के बीच संबंध को रेखांकित किया। सफदरजंग के मकबरे जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित गतिविधि के जरिए विरासत स्थलों को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

स्वच्छता पखवाड़ा 30 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न स्थानों और संस्थानों में स्वच्छता से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पर्यटन मंत्रालय की ओर से भी अभियान के जरिए कर्मचारियों, छात्रों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसमें भाग लेने के लिए जोड़ा जा रहा है।

रविवार को सफदरजंग के मकबरे में आयोजित अभियान में केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने नेतृत्व किया। मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म संस्थानों के छात्र तथा फैकल्टी सदस्य भी सफाई अभियान का हिस्सा बने।

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर हुए इस आयोजन के जरिए पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, विरासत संरक्षण और सामूहिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान साफ-सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया गया।

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