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नई दिल्ली। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत आने वाला रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग (DCPC) 'स्पेशल कैंपेन 6.0' की तैयारी में जुट गया है। यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के दौरान कार्यालयों में साफ-सफाई, ई-वेस्ट के प्रभावी निपटान, उपलब्ध जगह के बेहतर इस्तेमाल और कार्यस्थल की दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस साल अभियान का मुख्य विषय 'ई-वेस्ट का प्रभावी कलेक्शन, अलग-अलग करना और निपटान' रखा गया है।DCPC के अनुसार स्पेशल कैंपेन 6.0 को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए तैयारी का चरण पहले ही शुरू किया जा चुका है। इस साल 15 से 30 सितंबर के बीच तैयारी का चरण आयोजित किया गया। इस दौरान भी विभाग की ओर से कई सफाई गतिविधियां की गईं और उन क्षेत्रों की पहचान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जहां अभियान के दौरान विशेष रूप से काम किया जाना है।
स्पेशल कैंपेन अब अपने छठे साल में प्रवेश कर चुका है। हर साल आयोजित किए जाने वाले इस अभियान के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और उपलब्ध जगह का उचित इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। इस बार अभियान में ई-वेस्ट के प्रबंधन को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।अभियान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट की पहचान करने के साथ उसका सुरक्षित और निर्धारित नियमों के तहत निपटान किया जाएगा। यह प्रक्रिया 'ई-वेस्ट (मैनेजमेंट) रूल्स, 2022' और इससे जुड़े अन्य लागू दिशानिर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
कार्यालयों में समय के साथ पुराने कंप्यूटर, मॉनिटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपयोग से बाहर हो जाते हैं। ऐसे सामान के उचित प्रबंधन की जरूरत होती है। स्पेशल कैंपेन 6.0 में इसी तरह के ई-वेस्ट की पहचान, कलेक्शन, अलग-अलग करने और नियमों के अनुसार निपटान पर विशेष जोर रहेगा।इस साल अभियान का विषय भी ई-वेस्ट के प्रभावी प्रबंधन को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है। अभियान के तहत केवल ई-वेस्ट को हटाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उसके कलेक्शन से लेकर अलग करने और अंतिम निपटान तक पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा।
ई-वेस्ट के अलावा कार्यालयों में उपलब्ध जगह के बेहतर इस्तेमाल पर भी काम किया जाएगा। विभाग ऐसे स्थानों की पहचान करेगा जहां पुराने या अनुपयोगी सामान के कारण जगह घिरी हुई है। कबाड़ और बेकार सामान को निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाकर उपलब्ध स्थान को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की दिशा में काम किया जाएगा।स्पेशल कैंपेन 6.0 के दौरान रिकॉर्ड मैनेजमेंट भी प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहेगा। कार्यालयों में मौजूद रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और अनावश्यक सामग्री के निपटान की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यस्थल को अधिक व्यवस्थित बनाना और दैनिक कामकाज में दक्षता बढ़ाना है।
विभाग के अनुसार साफ-सुथरा और व्यवस्थित कार्यस्थल कर्मचारियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी वजह से अभियान में केवल सफाई तक सीमित रहने के बजाय कार्यस्थल के समग्र वातावरण को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।कार्यालय में उपलब्ध जगह का सही उपयोग होने से कर्मचारियों को काम करने के लिए अधिक व्यवस्थित वातावरण मिल सकता है। पुराने और अनुपयोगी सामान को हटाने से न केवल जगह खाली होगी, बल्कि जरूरी दस्तावेज और उपकरणों को व्यवस्थित रखने में भी आसानी होगी।
DCPC ने अभियान की शुरुआत से पहले ही तैयारी गतिविधियां शुरू कर दी थीं। 15 से 30 सितंबर तक चले तैयारी चरण में सफाई से जुड़ी कई गतिविधियों को अंजाम दिया गया। इस दौरान अभियान के मुख्य चरण के लिए जरूरी तैयारियों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।मुख्य अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इस अवधि के दौरान विभाग की ओर से चिन्हित क्षेत्रों में स्वच्छता और ई-वेस्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। साथ ही कार्यालयों में पड़े कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री को हटाने तथा रिकॉर्ड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने की दिशा में भी गतिविधियां संचालित होंगी।
ई-वेस्ट के बढ़ते इस्तेमाल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके सही निपटान की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे उपकरण उपयोग से बाहर होने के बाद सामान्य कचरे की तरह नहीं छोड़े जा सकते। इसलिए निर्धारित नियमों के तहत इनके कलेक्शन और निपटान की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।स्पेशल कैंपेन 6.0 में इसी पहलू को प्राथमिकता देते हुए ई-वेस्ट (मैनेजमेंट) रूल्स, 2022 का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। विभाग अभियान के दौरान ई-वेस्ट की पहचान करेगा और उसे नियमों के अनुसार निपटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
अभियान के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में कामकाज की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का भी प्रयास किया जाएगा। साफ-सफाई, रिकॉर्ड प्रबंधन, जगह का बेहतर इस्तेमाल और अनुपयोगी सामग्री का निपटान ऐसे क्षेत्र हैं, जिनके जरिए कार्यस्थल को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।इस अभियान की खास बात यह है कि स्वच्छता को केवल कार्यालय परिसर की सफाई तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें ई-वेस्ट, कबाड़, रिकॉर्ड और जगह के इस्तेमाल जैसे अलग-अलग पहलुओं को शामिल किया गया है। इन सभी गतिविधियों के जरिए कार्यालयों में कार्य दक्षता और बेहतर माहौल विकसित करने पर जोर रहेगा।
DCPC का स्पेशल कैंपेन अब लगातार छठे साल आयोजित होने जा रहा है। पिछले अभियानों की तरह इस बार भी स्वच्छता और बेहतर कार्यालय प्रबंधन प्रमुख लक्ष्य हैं, लेकिन ई-वेस्ट पर विशेष फोकस इसे खास बनाता है।तैयारी चरण के बाद अब 2 अक्टूबर से अभियान का मुख्य चरण शुरू होगा। पूरे अक्टूबर महीने के दौरान विभाग ई-वेस्ट के प्रभावी कलेक्शन, उसे अलग करने और उचित निपटान के साथ कार्यालयों में साफ-सफाई तथा कार्यस्थल के बेहतर प्रबंधन पर काम करेगा।
कुल मिलाकर रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग का स्पेशल कैंपेन 6.0 इस बार ई-वेस्ट प्रबंधन पर केंद्रित रहेगा। 2 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में ई-वेस्ट का नियमों के अनुसार निपटान, कबाड़ और बेकार सामान को हटाना, रिकॉर्ड मैनेजमेंट, उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल और कार्यस्थल के वातावरण में सुधार प्रमुख गतिविधियां होंगी। विभाग का उद्देश्य इन प्रयासों के जरिए कार्यालयों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और कार्यकुशल बनाना है।
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