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CJP नेता अभिजीत दिपके की समर्थकों से अपील

Ratna Netam
20 Oct 2026 3:20 PM IST
CJP नेता अभिजीत दिपके की समर्थकों से अपील
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में नफरत के रास्ते पर नहीं चलने की अपील की है। उन्होंने आंदोलन से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी तथा न्यायिक हिरासत को लेकर समर्थकों के बीच पैदा हुई निराशा पर चिंता जताई। दिपके ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी आंदोलन को अपने मूल सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से प्रेम, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अपनी बात रखने का आग्रह किया।अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसका कैप्शन 'सभी कॉकरोचों के लिए संदेश' रखा गया। वीडियो में उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी से कई समर्थक निराश और आक्रोशित हैं, लेकिन इस नाराजगी को नफरत में बदलने से बचना जरूरी है।
गिरफ्तारी के बाद समर्थकों को दिया संदेश
दिपके ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समूह के प्रति नफरत फैलाना नहीं, बल्कि अपने विचारों और मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखना है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि किसी भी कथित अन्याय का जवाब नफरत से देना आंदोलन के मूल उद्देश्यों के विपरीत होगा।उनके अनुसार, कठिन समय में संयम बनाए रखना किसी भी आंदोलन की सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी से आंदोलन से जुड़े लोगों को निराश नहीं होना चाहिए।दिपके ने समर्थकों से अपील की कि वे भावनाओं में बहकर ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे आंदोलन के शांतिपूर्ण स्वरूप को नुकसान पहुंचे।
सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत बढ़ी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सौरव दास और आशुतोष रंका को गिरफ्तार किया गया था। सोमवार, 19 अक्टूबर को अदालत ने दोनों की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी।यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज कर चुका है।
नफरत के बजाय प्रेम और करुणा पर जोर
अभिजीत दिपके ने अपने संदेश में कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को यह समझना चाहिए कि उनकी लड़ाई किसी के खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी की नहीं है। उन्होंने समर्थकों को अपने सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि अगर आंदोलन में शामिल लोग नफरत और गुस्से के आधार पर फैसले लेने लगेंगे, तो इससे उनके उद्देश्यों को नुकसान पहुंच सकता है।दिपके ने शांति और करुणा को आंदोलन की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए कहा कि असहमति व्यक्त करने के लिए हिंसा या नफरत का रास्ता अपनाना जरूरी नहीं है।
आंदोलन को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से चुनावी व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर भी विवाद सामने आए हैं।दिपके ने इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रंका की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप दिपके के राजनीतिक बयान हैं।
समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील
दिपके ने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों को अपनी नाराजगी व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने समर्थकों को किसी भी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहने का संदेश दिया।उन्होंने यह भी कहा कि सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के बाद समर्थकों की भावनाओं को समझा जा सकता है, लेकिन परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, आंदोलन को अपने मूल सिद्धांत नहीं छोड़ने चाहिए।फिलहाल, दोनों कार्यकर्ताओं की न्यायिक हिरासत और आंदोलन को लेकर राजनीतिक चर्चा जारी है। ऐसे समय में अभिजीत दिपके का संदेश समर्थकों को संयमित रखने और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने पर केंद्रित है।
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