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इमारत हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में रविवार को बड़ा हादसा सामने आया। दक्षिण दिल्ली के साउथ कैंपस थाना क्षेत्र के सत्य निकेतन इलाके में दोपहर के समय एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के मलबे में 30 से 40 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में एक छात्र की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है।
अचानक ढह गई पांच मंजिला इमारत
जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर अचानक पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई।
इमारत गिरते ही आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
छात्रों के दबे होने की आशंका
बताया जा रहा है कि इस इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। हादसे के बाद छात्रों ने आशंका जताई कि मलबे में करीब 40 छात्र दबे हो सकते हैं।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बचाव दल लगातार मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
पुलिस और फायर टीम मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं।
राहत और बचाव अभियान तेजी से शुरू किया गया। स्थानीय लोग भी बचाव दल के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं।
दमकल कर्मी और अन्य आपदा राहत टीमें सावधानी से तलाशी अभियान चला रही हैं।
इलाके में मचा हड़कंप
इमारत गिरने की घटना के बाद सत्य निकेतन इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।
लोग अपने परिचितों और परिवार के सदस्यों की जानकारी लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।
पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से इलाके में व्यवस्था संभाल ली है और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है।
बारिश के बीच हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि हादसे के समय इलाके में बारिश हो रही थी।
बारिश के कारण इमारत कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।
बचाव अभियान जारी
फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
बचाव टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रही हैं।
किसी भी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए बेहद सावधानी के साथ ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद इमारत गिरने के कारणों की जांच की जाएगी।
यह पता लगाया जाएगा कि इमारत की स्थिति कैसी थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिल्ली में इमारत गिरने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। इस हादसे के बाद पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में जर्जर इमारतों की जांच और समय रहते मरम्मत जरूरी है।
फिलहाल सत्य निकेतन में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की नजर मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे में प्रभावित लोगों की पूरी जानकारी अभियान पूरा होने के बाद ही सामने आ सकेगी।





