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दिल्ली जू में आएंगे चीता-जगुआर, बदलेगी तस्वीर

Saba Naaz
28 July 2026 8:22 PM IST
दिल्ली जू में आएंगे चीता-जगुआर, बदलेगी तस्वीर
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का प्रसिद्ध चिड़ियाघर अब एक नए और आधुनिक रूप में विकसित होने जा रहा है। दिल्ली चिड़ियाघर को देश ही नहीं बल्कि एशिया के मॉडल अर्बन जू के रूप में तैयार करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत यहां वन्यजीवों के लिए आधुनिक सुविधाएं, नए एनक्लोजर, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना के पूरा होने के बाद दिल्ली जू में कई नई प्रजातियों के जानवरों को देखने का मौका मिलेगा।

आधुनिकीकरण योजना के तहत चिड़ियाघर में कुल 38 नए एनक्लोजर बनाए जाएंगे। इसके अलावा पुराने और खराब हो चुके 11 एनक्लोजर को हटाया जाएगा, जबकि 32 मौजूदा एनक्लोजर को आधुनिक सुविधाओं के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा। इस पूरी योजना का उद्देश्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास जैसा माहौल उपलब्ध कराना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है।

प्रस्तावित योजना के तहत दिल्ली चिड़ियाघर में चीता, जगुआर और मीयरकैट जैसे नए वन्यजीवों को शामिल करने की तैयारी है। इसके अलावा ऊदबिलाव, बाबून, वाइल्ड डॉग, जायंट स्क्विरल और हनी बैजर जैसी प्रजातियों के लिए भी नए एनक्लोजर बनाए जाएंगे। वहीं वर्तमान में मौजूद सफेद बाघ, शेर, हाथी, गैंडा, जिराफ, चिंपैंजी और घड़ियाल जैसे प्रमुख वन्यजीवों के बाड़ों को भी आधुनिक बनाया जाएगा।

दिल्ली चिड़ियाघर करीब 188 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। नई योजना के तहत यहां करीब 201 प्रजातियों के लगभग 2,943 जीवों को रखने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एक बहु-विषयक डिजाइन कंसल्टेंट की नियुक्ति की जाएगी, जो चिड़ियाघर के मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा। इस कार्य पर करीब 3.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।

आधुनिकीकरण योजना में सिर्फ नए जानवरों को शामिल करना ही नहीं बल्कि वन्यजीवों की देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी शामिल है। इसके तहत एक आधुनिक रेस्क्यू और पुनर्वास केंद्र बनाया जाएगा, जहां घायल या संकट में मिले वन्यजीवों का इलाज और देखभाल की जा सकेगी। इसके अलावा अत्याधुनिक पशु चिकित्सालय, रेप्टाइल हाउस, नाक्टर्नल हाउस और बटरफ्लाई गार्डन भी विकसित किए जाएंगे।

पर्यटकों के लिए भी कई नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। चिड़ियाघर में स्मार्ट टिकटिंग सिस्टम, मोबाइल एप आधारित सेवाएं, आगमेंटेड रियलिटी तकनीक, बैटरी चालित वाहन और नए इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाए जाएंगे। इससे लोगों को वन्यजीवों और पर्यावरण के बारे में बेहतर जानकारी मिल सकेगी। साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

योजना के तहत मथुरा रोड की ओर नया प्रवेश प्लाजा, पार्किंग सुविधा, फूड कोर्ट, विजिटर सेंटर और क्लॉक रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा भैरों मंदिर रोड स्थित प्रवेश द्वार को भी बेहतर बनाया जाएगा ताकि पर्यटकों को आने-जाने में आसानी हो।

दिल्ली चिड़ियाघर को पुराने किले से जोड़कर जैव विविधता और विरासत कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की भी योजना है। इससे राजधानी में पर्यावरण संरक्षण और ऐतिहासिक धरोहर दोनों को बढ़ावा मिलेगा। यह कॉरिडोर लोगों को प्रकृति, वन्यजीव और इतिहास से जोड़ने का काम करेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लागू होने के बाद दिल्ली चिड़ियाघर देश के प्रमुख आधुनिक चिड़ियाघरों में शामिल हो सकता है। नई सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन के जरिए यहां वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त होगा। यह परियोजना राजधानी में पर्यावरण और पर्यटन दोनों क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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