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बायोमेडिकल रिसर्च के दिग्गज GP तलवार का शताब्दी समारोह

Ratna Netam
30 Sept 2026 6:34 PM IST
बायोमेडिकल रिसर्च के दिग्गज GP तलवार का शताब्दी समारोह
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नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में बुधवार को भारत के प्रतिष्ठित बायोमेडिकल वैज्ञानिक और संस्थान के शुरुआती फैकल्टी सदस्यों में शामिल प्रोफेसर जीपी तलवार का 100वां जन्मदिन विशेष समारोह के साथ मनाया गया। इस मौके पर भारत समेत दुनिया के कई देशों से वैज्ञानिक, शोधकर्ता, पूर्व छात्र और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। कार्यक्रम में प्रोफेसर तलवार के लंबे वैज्ञानिक सफर, बायोमेडिकल रिसर्च में उनके योगदान और नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों को दिए जा रहे मार्गदर्शन को याद किया गया।
जीपी तलवार को भारत में आधुनिक बायोमेडिकल और इम्यूनोलॉजी रिसर्च के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है। वह AIIMS के शुरुआती फैकल्टी सदस्यों में से एक रहे हैं और संस्थान के शुरुआती दौर में मेडिकल रिसर्च और बायोकेमिस्ट्री के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बाद के वर्षों में उन्होंने देश में कई महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं और संस्थागत पहलों से जुड़कर काम किया।
सबसे खास बात यह रही कि 100 वर्ष की उम्र में पहुंचने के बावजूद प्रोफेसर तलवार आज भी वैज्ञानिक शोध से जुड़े हुए हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि वह बायोमेडिसिन के क्षेत्र में चल रहे नए शोध कार्यों को मार्गदर्शन दे रहे हैं और युवा वैज्ञानिकों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए हैं। उनकी सक्रियता और वैज्ञानिक जिज्ञासा को समारोह में मौजूद लोगों ने प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर तलवार के जीवन और उपलब्धियों को समर्पित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में उनके वैज्ञानिक जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव, शोध उपलब्धियां, विभिन्न संस्थानों में उनकी भूमिका और दुनिया भर के वैज्ञानिकों की ओर से भेजे गए सम्मान-संदेश शामिल किए गए हैं।
कॉफी टेबल बुक के जरिए उनके दशकों लंबे योगदान को तस्वीरों, दस्तावेजों और वैज्ञानिकों की यादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इसमें उन लोगों के संदेश भी शामिल हैं, जिन्होंने प्रोफेसर तलवार के साथ काम किया या उनके शोध से प्रेरणा ली। पुस्तक को उनके वैज्ञानिक जीवन की एक यादगार दस्तावेजी झलक के रूप में तैयार किया गया है।
समारोह में अलग-अलग पीढ़ियों के वैज्ञानिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। इनमें प्रोफेसर तलवार के पुराने सहयोगियों और छात्रों से लेकर नई पीढ़ी के शोधकर्ता भी शामिल रहे। कई वक्ताओं ने उनके साथ काम करने के अनुभव साझा किए और बताया कि उन्होंने किस तरह भारतीय मेडिकल रिसर्च के क्षेत्र में नई सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया।
प्रोफेसर तलवार का वैज्ञानिक करियर कई दशकों में फैला हुआ है। उन्होंने इम्यूनोलॉजी, प्रजनन विज्ञान, वैक्सीन रिसर्च और अन्य बायोमेडिकल क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया। उनका शोध केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान खोजने पर केंद्रित रहा।
उनकी पहचान ऐसे वैज्ञानिक के रूप में भी रही, जिन्होंने प्रयोगशाला आधारित शोध को समाज और सार्वजनिक स्वास्थ्य की जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को भी हमेशा यह संदेश दिया कि रिसर्च का उद्देश्य केवल शोध पत्र प्रकाशित करना नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य में वास्तविक बदलाव लाना होना चाहिए।
AIIMS के शुरुआती वर्षों में प्रोफेसर तलवार ने मेडिकल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण का मजबूत आधार तैयार करने में योगदान दिया। उस समय भारत में बायोमेडिकल रिसर्च का ढांचा आज जितना विकसित नहीं था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने आधुनिक प्रयोगशाला पद्धतियों और वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाने का काम किया।
समारोह में मौजूद वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रोफेसर तलवार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक उनकी संस्था निर्माण की क्षमता भी रही है। उन्होंने केवल व्यक्तिगत स्तर पर शोध नहीं किया, बल्कि ऐसी वैज्ञानिक व्यवस्था विकसित करने में योगदान दिया, जिससे आने वाली पीढ़ियों को बेहतर अवसर मिल सके।
उनसे जुड़े कई छात्र और शोधकर्ता बाद में देश-विदेश के प्रमुख चिकित्सा और वैज्ञानिक संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे। यही वजह है कि उनके योगदान का प्रभाव केवल उनके अपने शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि कई पीढ़ियों के वैज्ञानिकों तक फैला हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके अनुशासन, वैज्ञानिक सोच और सीखने की निरंतर इच्छा की भी सराहना की। 100 वर्ष की उम्र में भी नई वैज्ञानिक खोजों और रिसर्च में उनकी दिलचस्पी को उनकी सबसे बड़ी विशेषताओं में बताया गया।
प्रोफेसर तलवार के जन्मदिन समारोह ने भारतीय बायोमेडिकल रिसर्च के विकास की लंबी यात्रा को भी सामने रखा। जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब देश में आधुनिक मेडिकल रिसर्च के लिए संसाधन और संस्थान सीमित थे। आज भारत बायोमेडिकल रिसर्च, वैक्सीन विकास और स्वास्थ्य विज्ञान के कई क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है।
इस बदलाव के पीछे कई वैज्ञानिकों और संस्थानों का योगदान रहा है, जिनमें प्रोफेसर जीपी तलवार का नाम प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने अपने लंबे वैज्ञानिक जीवन में शोध, प्रशिक्षण और संस्थान निर्माण—तीनों स्तरों पर योगदान दिया।
100वें जन्मदिन के मौके पर जारी कॉफी टेबल बुक उनके इसी सफर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। इसमें उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण क्षणों के साथ वैज्ञानिक उपलब्धियों और सहयोगियों के संदेशों को संरक्षित किया गया है।
AIIMS में आयोजित यह समारोह एक जन्मदिन कार्यक्रम से बढ़कर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान की एक सदी पुरानी प्रेरक यात्रा का उत्सव बन गया। 100 वर्ष की उम्र में भी सक्रिय रूप से शोध को दिशा दे रहे प्रोफेसर जीपी तलवार ने यह संदेश दिया कि वैज्ञानिक जिज्ञासा और सीखने की इच्छा की कोई उम्र नहीं होती।
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