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CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.2% छात्र हुए पास; लड़कियों ने फिर मारी बाजी

Kavita2
14 May 2026 12:06 PM IST
CBSE 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.2% छात्र हुए पास; लड़कियों ने फिर मारी बाजी
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Delhi दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (Central Board of Secondary Education) ने इस वर्ष कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। जारी नतीजों के अनुसार इस बार कुल 85.2 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल रहे हैं। यह पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत की तुलना में 3.19 प्रतिशत अंक की गिरावट को दर्शाता है।

बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कुल 17,80,365 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 17,68,968 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 15,07,109 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। परिणामों का विश्लेषण बताता है कि इस बार भी परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और परिणाम लगभग स्थिर बने रहे।

इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। जेंडर गैप 6.73 प्रतिशत अंक दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्षों की तरह ही लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन की प्रवृत्ति को दर्शाता है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह रुझान लगातार कई वर्षों से देखने को मिल रहा है।

Central Board of Secondary Education ने इस बार टॉपर लिस्ट जारी नहीं की है। बोर्ड का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा को कम करना और शैक्षणिक माहौल को अधिक संतुलित बनाना है। इससे छात्रों को बेहतर सीखने पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

रीजनवार प्रदर्शन की बात करें तो तिरुवनंतपुरम रीजन ने इस वर्ष सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां पास प्रतिशत 95.62 रहा, जो देश में सबसे अधिक है। इसके विपरीत प्रयागराज रीजन का प्रदर्शन सबसे कम रहा, जहां पास प्रतिशत 72.43 दर्ज किया गया।

परीक्षा परिणामों के विश्लेषण से यह भी स्पष्ट होता है कि दक्षिण भारत के रीजन सामान्य तौर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ उत्तरी रीजन में परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतर शैक्षणिक संसाधनों, तैयारी के स्तर और क्षेत्रीय शिक्षा ढांचे से जुड़ा हो सकता है।

छात्रों और अभिभावकों के बीच परिणामों को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली है। जहां सफल छात्र उत्साहित हैं, वहीं कुछ छात्रों के लिए यह परिणाम उम्मीद से कम रहा है। स्कूलों ने भी छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर विकल्पों पर ध्यान देने की सलाह दी है।

फिलहाल सभी छात्र अब अपने आगे के शैक्षणिक भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रमुख रूप से शामिल है।

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