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CBI का शिकंजा, लोन के बदले रिश्वत मांगने पर दो बैंक अधिकारी पकड़े गए

Ratna Netam
15 July 2026 4:38 PM IST
CBI का शिकंजा, लोन के बदले रिश्वत मांगने पर दो बैंक अधिकारी पकड़े गए
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New Delhi नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक और क्रेडिट अधिकारी को गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत स्वीकृत लोन की ओवरड्राफ्ट सुविधा जारी करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए क्रेडिट अधिकारी को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।

सीबीआई के अनुसार, यह मामला उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की कोइरीपुर शाखा से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने 13 जुलाई को शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था।

शिकायत में बताया गया कि बैंक की ओर से सावधि लोन (टर्म लोन) की राशि उसके खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन ओवरड्राफ्ट (ओडी) सुविधा की राशि अभी तक जारी नहीं की गई थी। आरोप है कि ओवरड्राफ्ट सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शाखा प्रबंधक और क्रेडिट अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की।

सीबीआई के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने स्वीकृत लोन में ओवरड्राफ्ट सुविधा जारी करने और प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर 45 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और मंगलवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की।

सीबीआई की टीम ने क्रेडिट अधिकारी को शिकायतकर्ता से 35 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसी ने बताया कि यह रिश्वत शाखा प्रबंधक की कथित मिलीभगत से ली जा रही थी। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को लखनऊ स्थित सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

इससे पहले भी सीबीआई ने रिश्वतखोरी के एक अन्य मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के शिलांग स्थित प्रोजेक्ट डायरेक्टर और दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की थी।

उस मामले में आरोप लगाया गया था कि एनएचएआई शिलांग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने 13.38 करोड़ रुपये के लंबित बिलों को पास करने के लिए शिकायतकर्ता से 12 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि अधिकारी ने रिश्वत की रकम में से 4 लाख रुपये एडवांस के तौर पर देने के लिए कहा था।

सीबीआई लगातार भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध लाभ लेने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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