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संसद परिसर के प्रदर्शन पर BJP सख्त, नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग

Ratna Netam
1 Aug 2026 8:28 PM IST
संसद परिसर के प्रदर्शन पर BJP सख्त, नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग
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नई दिल्ली : संसद परिसर के मकर द्वार के निकट 31 जुलाई को हुए विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन), फैजाबाद (अयोध्या) से सांसद अवधेश प्रसाद समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों को शिकायत की प्रति सौंपी। भाजपा का आरोप है कि विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान हिंदू धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्य से किया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

भाजपा विधायक करनैल सिंह ने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन में सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं को लेकर आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया गया है।

भाजपा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम की तस्वीर, भगवा वस्त्र, धार्मिक तिलक और दानपेटी जैसे धार्मिक प्रतीकों का उपयोग किया गया। पार्टी का कहना है कि इन प्रतीकों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध प्रदर्शन के लिए किया गया, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और तस्वीरों में दानपेटी में रुपये डालने और निकालने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम की तस्वीर जमीन पर गिरती हुई भी नजर आई। पार्टी ने पुलिस से मांग की है कि पूरे मामले की जांच सीसीटीवी फुटेज, मीडिया कवरेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर की जाए।

भाजपा ने दिल्ली पुलिस से संसद परिसर के सभी संबंधित सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सभी सबूतों को संरक्षित करना जरूरी है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके।

शिकायत में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्रथम दृष्टया यह मामला संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। भाजपा ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, धार्मिक प्रतीकों के अपमान, समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक शांति प्रभावित करने से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा की ओर से दिल्ली पुलिस से अनुरोध किया गया है कि शिकायत में नामित सभी लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। इसके साथ ही मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा किए गए इस प्रदर्शन के बाद से ही सियासी बयानबाजी जारी है। विपक्ष जहां इसे सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक अभिव्यक्ति बता रहा है, वहीं भाजपा ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बनाते हुए पुलिस कार्रवाई की मांग की है।

अब दिल्ली पुलिस इस शिकायत पर क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मामले की जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका अहम मानी जा रही है।

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