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पुराने किले की झील बनी खतरा? ASI ने शुरू की जांच

Saba Naaz
1 Aug 2026 8:24 PM IST
पुराने किले की झील बनी खतरा? ASI ने शुरू की जांच
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दिल्ली: ऐतिहासिक पुराना किला की मजबूती को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने बड़ा कदम उठाया है। किले के पास विकसित की गई झील का स्मारक की संरचना पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। हाल ही में झील की ओर स्थित किले का एक बुर्ज ढहने के बाद ASI ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अब विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि झील का पानी किले की नींव, दीवारों या अन्य हिस्सों को किसी तरह नुकसान तो नहीं पहुंचा रहा है।

ASI के अधिकारियों के अनुसार, अध्ययन के दौरान किले के आसपास की मिट्टी की स्थिति, भूजल स्तर, नमी, जल प्रवाह और ऐतिहासिक संरचना की मजबूती का गहराई से परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए सिविल इंजीनियरों, भू-वैज्ञानिकों, जल विशेषज्ञों और वरिष्ठ पुरातत्वविदों की मदद ली जा रही है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे संरक्षण और मरम्मत से जुड़े कदम उठाए जाएंगे।

पुराना किला दिल्ली के सबसे प्राचीन ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। इसकी संरचना कई सौ साल पुरानी है, इसलिए इसके संरक्षण को लेकर ASI लगातार काम करता रहा है। हाल ही में किले के झील की ओर बने एक बुर्ज के धीरे-धीरे कमजोर होकर गिरने की घटना सामने आई थी। इसके बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या आसपास मौजूद झील का पानी किले की नींव को प्रभावित कर रहा है।

ASI के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक और पद्मश्री डॉ. बीआर मणि ने भी कहा है कि बुर्ज गिरने की घटना की विस्तृत जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययन से ही यह साफ हो पाएगा कि बुर्ज गिरने के पीछे झील की भूमिका थी या फिर कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

ASI के अनुसार, ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुरातात्विक साक्ष्यों में पुराना किला के आसपास वर्तमान स्वरूप वाली झील का उल्लेख नहीं मिलता है। पुराने समय में किले की सुरक्षा के लिए चारों तरफ एक गहरी खाई बनाई गई थी। इस खाई में जरूरत पड़ने पर पानी भरा जाता था, ताकि दुश्मन आसानी से किले तक नहीं पहुंच सके। बाद के वर्षों में क्षेत्र के विकास के दौरान यहां झील का निर्माण किया गया।

अब ASI यह जांच करेगा कि आधुनिक समय में बनाई गई झील से स्मारक की पुरानी संरचना पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है या नहीं। विशेषज्ञ यह भी देखेंगे कि पानी के रिसाव, नमी या भूजल में बदलाव के कारण किले की दीवारों और नींव की मजबूती प्रभावित हुई है या नहीं।

बुर्ज गिरने की घटना के बाद संरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों ने चिंता जताई थी कि इतनी पुरानी ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए समय रहते कदम उठाए जाने चाहिए। ASI ने अब जांच के जरिए घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने की तैयारी की है।

अध्ययन पूरा होने के बाद मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर पुराना किला की सुरक्षा और संरक्षण के लिए नई रणनीति बनाई जाएगी। यदि झील के कारण किसी तरह का खतरा पाया जाता है तो उसके समाधान के लिए जरूरी तकनीकी उपाय किए जाएंगे। ASI का कहना है कि देश की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है और इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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