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रेल यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा , अवैध ई-कैटरिंग सेवाओं पर नजर

Ratna Netam
7 Nov 2026 4:10 PM IST
रेल यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा , अवैध ई-कैटरिंग सेवाओं पर नजर
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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा और खानपान सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराने के नाम पर बिना आधिकारिक अनुमति के सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म्स को लेकर आईआरसीटीसी ने चिंता जताई है। ऐसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भोजन ऑर्डर करने पर यात्रियों को गुणवत्ता, स्वच्छता और सेवा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआरसीटीसी ने यात्रियों को केवल अधिकृत माध्यमों से भोजन मंगाने की सलाह दी है।भारतीय रेलवे की ई-कैटरिंग सेवा का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा के दौरान सुविधाजनक तरीके से उनकी पसंद का भोजन उपलब्ध कराना है। इसके तहत यात्री अपनी ट्रेन और पीएनआर नंबर की सहायता से विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध अधिकृत रेस्तरां से खाना ऑर्डर कर सकते हैं। निर्धारित स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के दौरान यात्रियों की सीट तक भोजन पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ कुछ ऐसे प्लेटफॉर्म्स भी सामने आए हैं, जो आधिकारिक अनुमति के बिना रेलवे यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने का दावा करते हैं।
अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स से यात्रियों को खतरा
आईआरसीटीसी की चिंता का प्रमुख कारण यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता है। अधिकृत ई-कैटरिंग व्यवस्था में भोजन उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं के लिए निर्धारित नियम और शर्तें लागू होती हैं। इसके विपरीत, अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स के जरिए भोजन मंगाने पर यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो सकता है कि खाना कहां तैयार किया गया है, उसकी गुणवत्ता कैसी है और उसे किन परिस्थितियों में यात्रियों तक पहुंचाया जा रहा है।ऐसी सेवाओं में भोजन की स्वच्छता, समय पर डिलीवरी, भुगतान और शिकायत निवारण से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। यात्रियों को गलत या अधूरा ऑर्डर मिलने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी कठिन हो सकता है। यही वजह है कि आईआरसीटीसी अधिकृत सेवाओं के इस्तेमाल पर जोर दे रहा है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों पर नजर
अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का उद्देश्य रेलवे की आधिकारिक खानपान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत ऐसे प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है, जो रेलवे यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने का प्रचार करते हैं, लेकिन आईआरसीटीसी की अधिकृत सेवा प्रणाली का हिस्सा नहीं हैं।आईआरसीटीसी के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां निर्धारित मानकों का पालन करें। इसके साथ ही यात्रियों को यह जानकारी भी होनी चाहिए कि जिस वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन से वे भोजन ऑर्डर कर रहे हैं, वह आधिकारिक रूप से अधिकृत है या नहीं।अनधिकृत सेवाओं के खिलाफ संभावित कार्रवाई में नियमों के अनुसार शिकायत, संबंधित एजेंसियों से समन्वय और आवश्यक कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ताजा अभियान के तहत कितने प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई हुई है, इसकी विस्तृत आधिकारिक संख्या उपलब्ध नहीं है।
Food on Track से मंगा सकते हैं भोजन
रेल यात्रियों के लिए आईआरसीटीसी की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा 'Food on Track' उपलब्ध है। यात्री इसके जरिए अपनी यात्रा के दौरान भोजन ऑर्डर कर सकते हैं। इसके अलावा आईआरसीटीसी की आधिकारिक ई-कैटरिंग वेबसाइट के माध्यम से भी भोजन बुक करने की सुविधा दी जाती है।यात्रियों को भोजन ऑर्डर करने के लिए अपना पीएनआर नंबर दर्ज करना होता है। इसके बाद संबंधित ट्रेन के मार्ग पर उपलब्ध स्टेशनों और भोजन विकल्पों की जानकारी दिखाई देती है। यात्री अपनी पसंद के अनुसार भोजन चुन सकते हैं और उपलब्ध भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं।यह व्यवस्था विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपयोगी है। परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोग, बुजुर्ग यात्री और अन्य रेल यात्री अपनी पसंद के अनुसार भोजन मंगाने के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
फर्जी वेबसाइट और ऐप से सावधान रहने की सलाह
डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यात्रियों के लिए यह पहचानना भी जरूरी हो गया है कि वे जिस प्लेटफॉर्म से खाना ऑर्डर कर रहे हैं, वह विश्वसनीय और अधिकृत है या नहीं। कई बार आकर्षक विज्ञापनों, भारी छूट और त्वरित डिलीवरी के दावों के कारण यात्री किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भरोसा कर लेते हैं।ऐसी स्थिति में यात्रियों को भोजन ऑर्डर करने से पहले वेबसाइट का पता, ऐप की प्रामाणिकता और सेवा प्रदाता की जानकारी जांचनी चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग और भुगतान संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।इसके अलावा यात्रियों को ऑर्डर की पुष्टि, भुगतान की रसीद और भोजन की डिलीवरी से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखनी चाहिए। इससे किसी समस्या की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने में सहायता मिल सकती है।
खानपान की गुणवत्ता और जवाबदेही पर जोर
रेलवे यात्रियों के लिए भोजन केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू भी है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन पर उपलब्ध भोजन या ई-कैटरिंग सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खानपान की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।अधिकृत ई-कैटरिंग व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य भोजन आपूर्ति से जुड़ी जवाबदेही सुनिश्चित करना है। यदि किसी यात्री को भोजन की गुणवत्ता, डिलीवरी या भुगतान से संबंधित शिकायत होती है, तो निर्धारित शिकायत निवारण माध्यमों के जरिए समस्या उठाई जा सकती है।अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स के मामले में शिकायतों का समाधान अधिक जटिल हो सकता है। इसलिए यात्रियों को अधिकृत सेवा प्रदाताओं का चयन करने की सलाह दी जा रही है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
आईआरसीटीसी की सख्ती का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद खानपान सेवाएं उपलब्ध कराना है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में भोजन ऑर्डर करते समय केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत सेवा प्रदाताओं का इस्तेमाल करें।रेल यात्रियों के लिए आधिकारिक ई-कैटरिंग वेबसाइट उपलब्ध है। खानपान से जुड़ी शिकायतों के लिए रेलवे की रेल मदद सेवा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भोजन मंगाने की सुविधा बढ़ने के साथ यात्रियों की सतर्कता भी जरूरी है। आईआरसीटीसी की ओर से अनधिकृत सेवाओं पर बढ़ाई गई सख्ती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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