- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- मेडिकल शिक्षा से...
दिल्ली-एनसीआर
मेडिकल शिक्षा से रिसर्च तक AIIMS का बड़ा योगदान अनुप्रिया पटेल ने की सराहना
Ratna Netam
25 Sept 2026 4:59 PM IST

x
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के 71वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1956 में अपनी स्थापना के बाद से AIIMS नई दिल्ली ने देश की स्वास्थ्य सेवा यात्रा में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। समारोह में संस्थान के स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सात दशकों से अधिक के योगदान को रेखांकित किया गया।स्थापना दिवस समारोह में अनुप्रिया पटेल ने AIIMS नई दिल्ली की यात्रा और देश की चिकित्सा व्यवस्था में उसकी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्थान ने न केवल मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि मेडिकल शिक्षा, रिसर्च और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए प्रयोगों के जरिए भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने AIIMS को देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल बताते हुए उसके योगदान की सराहना की।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि AIIMS ने दशकों से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में उच्च मानक स्थापित किए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में मरीज जटिल और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं। इसके साथ ही संस्थान से प्रशिक्षित डॉक्टर और स्वास्थ्य पेशेवर देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि AIIMS की भूमिका केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है। यह चिकित्सा शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य नीति से जुड़े विषयों में भी महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। नई बीमारियों, उपचार तकनीकों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर यहां होने वाला अनुसंधान देश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए उपयोगी रहा है।
AIIMS नई दिल्ली की स्थापना वर्ष 1956 में संसद के एक अधिनियम के तहत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा में उच्च मानक स्थापित करना, विभिन्न चिकित्सा शाखाओं में प्रशिक्षण देना और स्वास्थ्य सेवाओं तथा अनुसंधान को एक ही संस्थागत ढांचे में आगे बढ़ाना था। समय के साथ संस्थान ने देश के प्रमुख चिकित्सा और अनुसंधान केंद्रों में स्थान बनाया।स्थापना दिवस समारोह के दौरान मेडिकल रिसर्च और इनोवेशन के बढ़ते महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलती तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ, आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और नए उपचार विकल्पों के दौर में चिकित्सा संस्थानों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में AIIMS जैसे संस्थानों से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ नई तकनीकों और अनुसंधान को आगे बढ़ाने की अपेक्षा भी बढ़ी है।
अनुप्रिया पटेल ने स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता का उद्देश्य केवल आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना भी है। खासतौर पर जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।AIIMS नई दिल्ली देश के मेडिकल छात्रों के लिए भी प्रमुख संस्थानों में शामिल है। यहां स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर चिकित्सा शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम तथा शोध कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। संस्थान में विभिन्न चिकित्सा विषयों से संबंधित विभाग और विशेष केंद्र काम कर रहे हैं।
देश में AIIMS मॉडल का विस्तार भी पिछले वर्षों में तेजी से हुआ है। केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों में नए AIIMS स्थापित किए हैं, ताकि उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा की पहुंच दिल्ली से बाहर भी बढ़ाई जा सके। AIIMS नई दिल्ली ने इस मॉडल के मूल संस्थान के रूप में चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों की देखभाल के मानक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।समारोह में संस्थान के डॉक्टरों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, नर्सिंग कर्मचारियों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को भी याद किया गया। अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों की देखभाल के साथ चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाना संस्थान के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
AIIMS का योगदान कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के दौरान भी सामने आया है। संक्रामक रोगों से लेकर गैर-संचारी बीमारियों तक, संस्थान के विशेषज्ञ विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार, शोध और नीतिगत परामर्श में भाग लेते रहे हैं। इसके अलावा जटिल सर्जरी, कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी और अन्य सुपर स्पेशियलिटी क्षेत्रों में भी संस्थान सेवाएं उपलब्ध कराता है।71वें स्थापना दिवस के अवसर पर AIIMS की अब तक की उपलब्धियों के साथ भविष्य की चुनौतियों पर भी ध्यान दिया गया। बढ़ती आबादी, नई बीमारियां, स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग और तेजी से विकसित होती मेडिकल टेक्नोलॉजी के बीच चिकित्सा संस्थानों को लगातार अपनी क्षमताओं का विस्तार करना पड़ रहा है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि 1956 से शुरू हुई AIIMS नई दिल्ली की यात्रा ने भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने संस्थान से जुड़े डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए भविष्य में भी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण मरीज देखभाल में अपनी भूमिका को आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई। 71वां स्थापना दिवस संस्थान के सात दशकों से अधिक के सफर की उपलब्धियों को याद करने के साथ स्वास्थ्य सेवा के भविष्य की दिशा पर विचार करने का अवसर भी बना।
Next Story





