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स्वच्छता अभियान में SSB की बड़ी उपलब्धि 21 हजार फाइलें हुईं खत्म

Ratna Netam
21 Sept 2026 4:37 PM IST
स्वच्छता अभियान में SSB की बड़ी उपलब्धि 21 हजार फाइलें हुईं खत्म
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नई दिल्ली। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन अभियान के दौरान बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चलाए गए इस अभियान के तहत एसएसबी ने स्क्रैप सामग्री के निपटान से 1.02 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। इसके साथ ही बल ने बड़ी संख्या में पुराने रिकॉर्ड की समीक्षा कर लंबित फाइलों का निपटारा किया और कार्यालयों में अतिरिक्त जगह भी खाली कराई।एसएसबी के अनुसार, यह अभियान कार्यस्थल प्रबंधन को बेहतर बनाने, रिकॉर्ड व्यवस्था को व्यवस्थित करने और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाया गया था। अभियान के दौरान बल के विभिन्न प्रतिष्ठानों में स्वच्छता गतिविधियों के साथ-साथ पुराने दस्तावेजों और अनुपयोगी सामग्री की समीक्षा की गई।
39,900 फाइलों की हुई समीक्षा
एसएसबी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अभियान के दौरान कुल 39,900 फाइलों की जांच की गई। इनमें से 21,070 फाइलों का निपटारा या छंटनी की गई।रिकॉर्ड प्रबंधन अभियान का उद्देश्य पुराने और अनावश्यक दस्तावेजों को हटाना था, ताकि कार्यालयों में रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सके। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी दस्तावेजों तक पहुंचने में आसानी होगी।
3,802 सफाई अभियान चलाए गए
स्वच्छता अभियान के तहत एसएसबी के विभिन्न परिसरों में कुल 3,802 सफाई अभियान आयोजित किए गए। इन अभियानों में कार्यालय परिसर, बैरक, स्टोर और अन्य स्थानों की सफाई की गई।एसएसबी का कहना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार आता है।
516 वर्ग फुट कार्यालय स्थान हुआ मुक्त
अभियान के दौरान पुराने सामान और अनुपयोगी सामग्री को हटाने के बाद 516 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया। इस खाली स्थान का उपयोग भविष्य में बेहतर कार्य व्यवस्था के लिए किया जा सकेगा।कार्यालयों में अतिरिक्त सामान जमा होने से जगह की समस्या होती है। ऐसे में रिकॉर्ड और सामग्री की नियमित समीक्षा से स्थान का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है।
स्क्रैप से मिला 1.02 करोड़ रुपये का राजस्व
एसएसबी ने अभियान के दौरान पुराने और अनुपयोगी स्क्रैप सामग्री का निपटान किया। इससे बल को 1.02 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।स्क्रैप प्रबंधन के जरिए न केवल अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया, बल्कि उससे आर्थिक लाभ भी हासिल किया गया। इससे संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा मिला।
भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा करता है SSB
सशस्त्र सीमा बल देश की महत्वपूर्ण सीमा सुरक्षा एजेंसियों में शामिल है। एसएसबी भारत-नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा और भारत-भूटान की 699 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है।बल सीमा सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक और कल्याणकारी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
विशेष अभियान का हिस्सा था कार्यक्रम
एसएसबी का यह अभियान लंबित मामलों के निपटारे के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान (SCDPM) का हिस्सा था। यह एक सरकार-व्यापी पहल है, जिसका उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता बढ़ाना, लंबित मामलों को कम करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।इस अभियान के तहत विभिन्न सरकारी विभाग और संस्थान अपने रिकॉर्ड, कार्यस्थल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हैं।
बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में कदम
एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अभियान से संस्थानों में काम करने का माहौल बेहतर होता है। पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाने से कार्यस्थल अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनता है।रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार होने से जरूरी दस्तावेजों की पहचान और उनका उपयोग भी आसान हो जाता है।
स्वच्छता और सुशासन पर जोर
सरकारी संस्थानों में स्वच्छता और बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है। एसएसबी का यह अभियान भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।1.02 करोड़ रुपये के राजस्व, हजारों फाइलों के निपटारे और कार्यालय स्थान खाली कराने जैसी उपलब्धियां यह दिखाती हैं कि स्वच्छता अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक सुधार और संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल से भी जुड़ा हुआ है।एसएसबी ने इस अभियान के जरिए कार्यस्थल प्रबंधन में सुधार और सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
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