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लोकनायक अस्पताल-MAMC की बड़ी उपलब्धि, बच्चों पर 345 VUDS टेस्ट कर रचा इतिहास

nidhi
19 July 2026 7:46 AM IST
लोकनायक अस्पताल-MAMC की बड़ी उपलब्धि, बच्चों पर 345 VUDS टेस्ट कर रचा इतिहास
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बच्चों की मूत्र संबंधी बीमारियों के निदान में नई मिसाल, 345 VUDS टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे

DELHI-NCR: लोकनायक अस्पताल (Lok Nayak Hospital) और मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) ने बाल चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने बच्चों में मूत्र संबंधी जटिल बीमारियों की पहचान और उपचार को बेहतर बनाने के लिए 345 वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी (Video Urodynamic Study – VUDS) सफलतापूर्वक पूरी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह उपलब्धि न केवल अस्पताल की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि उन बच्चों के लिए भी उम्मीद की नई किरण है, जो लंबे समय से मूत्राशय (ब्लैडर) और पेशाब से जुड़ी जटिल समस्याओं से जूझ रहे हैं।
क्या है VUDS टेस्ट?
वीडियो यूरोडायनामिक स्टडी (VUDS) एक विशेष जांच है, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि मूत्राशय (Bladder), मूत्रमार्ग (Urethra) और उनसे जुड़ी मांसपेशियां किस प्रकार कार्य कर रही हैं।
इस जांच में—
मूत्राशय की क्षमता,
पेशाब के दौरान दबाव,
मूत्र के प्रवाह,
मूत्राशय के खाली होने की प्रक्रिया,
और पेशाब रोकने वाली मांसपेशियों की कार्यप्रणाली
का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
वीडियो इमेजिंग और कंप्यूटर आधारित माप के संयोजन से डॉक्टर बीमारी का अधिक सटीक आकलन कर पाते हैं।
किन बच्चों के लिए होती है यह जांच?
VUDS टेस्ट उन बच्चों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिन्हें—
बार-बार यूरिन इंफेक्शन (UTI) होता है।
पेशाब रोकने या करने में कठिनाई होती है।
जन्मजात मूत्र तंत्र की समस्याएं होती हैं।
न्यूरोजेनिक ब्लैडर (Neurogenic Bladder) की आशंका होती है।
स्पाइना बिफिडा जैसी न्यूरोलॉजिकल स्थितियां होती हैं।
पेशाब पर नियंत्रण (Urinary Incontinence) की समस्या होती है।
345 टेस्ट पूरे होना क्यों है बड़ी उपलब्धि?
VUDS एक अत्यंत विशेषज्ञता वाली जांच है, जिसके लिए प्रशिक्षित चिकित्सक, आधुनिक उपकरण और बहु-विषयक (Multidisciplinary) टीम की आवश्यकता होती है।
345 सफल जांचें पूरी होना इस बात का संकेत है कि संस्थान ने बाल यूरोलॉजी और यूरोडायनामिक्स के क्षेत्र में मजबूत विशेषज्ञता विकसित की है। इससे अधिक बच्चों को समय पर और सटीक निदान मिल सकेगा।
मरीजों को क्या होगा लाभ?
इस उपलब्धि से बच्चों और उनके परिवारों को कई लाभ मिलेंगे—
बीमारी की जल्दी पहचान।
सही और व्यक्तिगत उपचार योजना।
अनावश्यक सर्जरी से बचाव की संभावना।
किडनी को दीर्घकालिक नुकसान से बचाने में मदद।
जीवन की गुणवत्ता में सुधार।
इलाज के बेहतर परिणाम।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बच्चों में मूत्र संबंधी समस्याओं का सही कारण सामान्य जांच से स्पष्ट नहीं हो पाता। ऐसे मामलों में VUDS जैसी उन्नत जांच बीमारी की वास्तविक प्रकृति समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इससे डॉक्टर यह तय कर सकते हैं कि मरीज को दवा, व्यवहार संबंधी उपचार, कैथेटराइजेशन या सर्जरी में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त होगा।
बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
लोकनायक अस्पताल और MAMC की यह उपलब्धि दिल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण है। सरकारी अस्पताल में ऐसी उन्नत जांच सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
यह उपलब्धि देश में बाल यूरोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भविष्य की दिशा
चिकित्सकों का मानना है कि यदि इस तरह की उन्नत जांच सुविधाएं देश के अन्य बड़े सरकारी अस्पतालों में भी विकसित की जाएं, तो बच्चों में मूत्र संबंधी बीमारियों का समय पर निदान और बेहतर उपचार संभव होगा। इससे जटिल मामलों में रेफरल का बोझ भी कम होगा और मरीजों को अपने क्षेत्र के निकट ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मिल सकेगी।

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