- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- स्वाद और सेहत का साथी...
दिल्ली-एनसीआर
स्वाद और सेहत का साथी हींग, पाचन से लेकर वजन घटाने तक में फायदेमंद
SHIDDHANT
17 Jan 2026 11:47 PM IST

x
Delhi दिल्ली। भारतीय रसोई में हींग एक आम और जरूरी मसाला है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर घरों में दाल, सब्जी, अचार और तड़के में किया जाता है। कई लोग इसे सिर्फ स्वाद और खुशबू बढ़ाने का माध्यम मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में हींग को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि हींग सामान्य मसाला नहीं है बल्कि कई बीमारियों से लड़ने और शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होता है। हींग पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह गैस, अपच, ब्लोटिंग, कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याओं से राहत देता है। इसमें मौजूद कंपाउंड पेट की मांसपेशियों को रिलेक्स करते हैं और पाचन एंजाइम्स को बेहतर काम करने में मदद करते हैं। एक चुटकी हींग को गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर पीने से पेट की कई तकलीफें दूर होती हैं।
हींग मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद है। यह याददाश्त और एकाग्रता को सुधारने में कारगर है। आयुर्वेद में इसे ब्रेन टॉनिक की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जो मानसिक थकान और तनाव कम करके दिमाग को तेज रखता है। हींग में ब्लड थिनिंग गुण होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं। यह हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और दिल की सेहत सुधारने में मदद करता है। नियमित सेवन से ब्लड फ्लो बेहतर होता है और क्लॉटिंग का खतरा कम होता है।
हींग पाचन को सुधारकर वजन नियंत्रण में मदद करता है और अतिरिक्त कैलोरी को जमा होने से रोकता है। पेट दर्द, माइग्रेन या तनाव से जुड़े सिरदर्द में हींग बहुत कारगर है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करते हैं और दर्द से राहत देते हैं। साथ ही, यह सर्दी-खांसी और बलगम वाली समस्याओं में फायदेमंद है। यह एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से सांस की नलियों को साफ करती है और कफ निकालने में मदद करती है। हींग त्वचा के संक्रमण, फोड़े-फुंसी और चर्म रोगों में राहत देती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण घाव भरने में सहायक होते हैं। हींग शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर हृदय रोगों के जोखिम को घटाती है।
भारतीय रसोई का यह छोटा सा मसाला न सिर्फ स्वाद देता है, बल्कि रोजमर्रा की सेहत के लिए भी रामबाण है। हालांकि, हींग का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा से सिरदर्द हो सकता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए।
Tagsहींगआयुर्वेदपाचनगैसकब्जपेट दर्दमस्तिष्क स्वास्थ्यएकाग्रताब्लड थिनिंगहाई ब्लड प्रेशरहृदय रोगमाइग्रेनएंटी-इंफ्लेमेटरीसर्दी-खांसीत्वचा रोगस्वास्थ्य टिप्सजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





