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अर्श डल्ला-निज्जर कनेक्शन से पाकिस्तान लिंक का खुलासा

नई दिल्ली। गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की चार्जशीट में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर ने अर्श डल्ला को भारत छोड़कर कनाडा जाने के लिए प्रेरित किया था। चार्जशीट में दावा किया गया है कि निज्जर की मदद से ही डल्ला वर्ष 2017 में कनाडा पहुंचा और वहां से उसने अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करना शुरू किया। पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में अर्श डल्ला के करीबी सहयोगी तरनजोत सिंह उर्फ तन्ना से जुड़े मामले का भी जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि जेल से रिहा होने के बाद अर्श डल्ला कथित तौर पर हरदीप सिंह निज्जर के संपर्क में आया और उसके कहने पर कनाडा चला गया।
कनाडा पहुंचकर खड़ा किया नेटवर्क
चार्जशीट के मुताबिक, कनाडा पहुंचने के बाद अर्श डल्ला ने वहां अपना ठिकाना बनाया और विदेश से ही भारत में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों का नेटवर्क चलाना शुरू किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि डल्ला ने हथियारों की तस्करी, रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए अपना प्रभाव बढ़ाया। बाद में अर्श डल्ला प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) से जुड़ गया और संगठन का कमांडर-इन-चीफ बन गया। भारत सरकार ने उसे गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत घोषित आतंकवादियों की सूची में शामिल किया है।
KTF और पाकिस्तान कनेक्शन की जांच
चार्जशीट में खालिस्तान टाइगर फोर्स और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, विदेशों में बैठे कुछ आतंकी और गैंगस्टर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आपसी सहयोग कर रहे थे। अधिकारियों का दावा है कि हरदीप सिंह निज्जर और अर्श डल्ला विदेश में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों की साजिशों में शामिल थे। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, हथियार सप्लाई और भारत में मौजूद सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।
2023 में हुई थी निज्जर की हत्या
हरदीप सिंह निज्जर की जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार के एजेंटों पर आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था और इन्हें निराधार बताया था। बाद में इस मामले को लेकर दोनों देशों के संबंधों में तनाव भी देखने को मिला। हालांकि, भारत लगातार कहता रहा है कि कनाडा को अपनी जमीन से संचालित हो रही भारत विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
जांच एजेंसियों की नजर में बड़ा नेटवर्क
अर्श डल्ला मामले में सामने आए इन तथ्यों के बाद सुरक्षा एजेंसियां विदेशों में सक्रिय गैंगस्टर और आतंकी नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। एजेंसियों का मानना है कि अपराध और आतंक के गठजोड़ को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग जरूरी है।
चार्जशीट में किए गए दावों के आधार पर अब जांच एजेंसियां अर्श डल्ला के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और कथित विदेशी संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।





