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दिल्ली-एनसीआर
अनुप्रिया पटेल ने फार्माकोविजिलेंस सप्ताह में लॉन्च की नई पहल
Ratna Netam
21 Sept 2026 6:49 PM IST

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नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण पहल लॉन्च कीं। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (IPC) की ओर से किया गया था।कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने **‘नेशनल फॉर्म्युलरी ऑफ इंडिया’ (NFI) के सातवें संस्करण**, भारत में अस्पतालों के लिए मेडिकल डिवाइस से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की सुरक्षा निगरानी और रिपोर्टिंग से संबंधित गाइडेंस डॉक्यूमेंट तथा iOS यूजर्स के लिए **ADR-PvPI 2.0 मोबाइल ऐप** को लॉन्च किया।इन पहलों का उद्देश्य दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा निगरानी को मजबूत करना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
NFI का सातवां संस्करण जारी
कार्यक्रम में नेशनल फॉर्म्युलरी ऑफ इंडिया के सातवें संस्करण को जारी किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसका डिजिटल संस्करण **NFI ऑनलाइन** प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी उपलब्ध कराया गया है।NFI स्वास्थ्य क्षेत्र में दवाओं के उचित और सुरक्षित उपयोग के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसमें चिकित्सकों और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए दवाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
मेडिकल डिवाइस सुरक्षा निगरानी के लिए गाइडेंस डॉक्यूमेंट
कार्यक्रम के दौरान भारत में अस्पतालों के लिए मेडिकल डिवाइस से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी और रिपोर्टिंग को लेकर एक गाइडेंस डॉक्यूमेंट भी जारी किया गया।मेडिकल डिवाइस का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इनके इस्तेमाल से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या या प्रतिकूल घटना की समय पर पहचान और रिपोर्टिंग मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।यह दस्तावेज अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को मेडिकल उपकरणों से जुड़ी घटनाओं की निगरानी और प्रबंधन में सहायता करेगा।
ADR-PvPI 2.0 मोबाइल ऐप लॉन्च
मंत्री अनुप्रिया पटेल ने iOS यूजर्स के लिए ADR-PvPI 2.0 मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया। यह ऐप दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों (Adverse Drug Reactions) की रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है।इस तरह के डिजिटल माध्यमों से मरीजों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को दवाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी साझा करने में सुविधा मिल सकती है।
छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह का आयोजन
छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह 17 से 23 सितंबर तक मनाया जा रहा है। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम है—फार्माकोविजिलेंस के जरिए दवाओं के सही इस्तेमाल को बढ़ावा देना: सुरक्षित हेल्थकेयर की ओर एक कदम।"**इस थीम के माध्यम से दवाओं के सुरक्षित उपयोग, निगरानी व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल
राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य पेशेवर, शिक्षाविद, शोधकर्ता और दवा सुरक्षा से जुड़े अन्य हितधारक शामिल हुए।कार्यक्रम में दवाओं की सुरक्षा, मरीजों की देखभाल में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
दवाओं की सुरक्षा निगरानी पर जोर
फार्माकोविजिलेंस का उद्देश्य दवाओं के इस्तेमाल के बाद होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की पहचान, मूल्यांकन और रोकथाम करना है। यह व्यवस्था मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी दवा की प्रभावशीलता के साथ उसकी सुरक्षा भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए दवाओं से जुड़े अनुभवों और समस्याओं की रिपोर्टिंग जरूरी है।
डिजिटल तकनीक से मजबूत होगी व्यवस्था
नई डिजिटल पहलों से दवा सुरक्षा निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से रिपोर्टिंग प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को तेजी से जानकारी साझा करने और संभावित जोखिमों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में कदम
कार्यक्रम के दौरान लॉन्च की गई पहलें भारत में दवा और मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।NFI के नए संस्करण, मेडिकल डिवाइस सुरक्षा गाइडेंस और ADR रिपोर्टिंग ऐप के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह के माध्यम से सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों ने सुरक्षित दवा उपयोग और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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