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करोड़पति से दिवालिया और फिर करोड़ों की नेटवर्थ तकअंकुर वारिकू की प्रेरक यात्रा

Ratna Netam
7 Aug 2026 7:33 PM IST
करोड़पति से दिवालिया और फिर करोड़ों की नेटवर्थ तकअंकुर वारिकू की प्रेरक यात्रा
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नई दिल्ली : देश के जाने-माने उद्यमी, लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर अंकुर वारिकू ने अपनी आर्थिक यात्रा का एक बेहद प्रेरक अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि पहला करोड़ कमाने में उन्हें कई वर्षों की मेहनत करनी पड़ी, लेकिन इसके कुछ समय बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं कि वह पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गए और लगभग दिवालिया हो गए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी, दोबारा खुद को संभाला और आज फिर करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। उनकी यह कहानी आज के युवाओं, स्टार्टअप संस्थापकों और निवेशकों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
अंकुर वारिकू ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में अपनी पेशेवर और आर्थिक यात्रा का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पहली कमाई 24 वर्ष की उम्र में हुई थी। उस समय उन्हें 14,500 रुपये का पहला वेतन मिला था। उन्होंने कहा कि करियर की शुरुआत भले ही मामूली वेतन से हुई, लेकिन लगातार सीखने और मेहनत करने की वजह से आगे बढ़ने के अवसर मिलते गए।
अंकुर ने बताया कि शुरुआती नौकरी के बाद उन्होंने एमबीए किया, जिससे उनके करियर में बड़ा बदलाव आया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी मासिक सैलरी एक लाख रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत की और कुछ ही वर्षों में उनकी आय तेजी से बढ़ी। उन्होंने बताया कि महज तीन साल के भीतर उनका वेतन बढ़कर लगभग 33 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच गया था। हालांकि इस दौरान उन्होंने एक बड़ा फैसला लेते हुए नौकरी छोड़ दी और अपना स्टार्टअप शुरू किया। इस निर्णय के बाद उनकी सालाना आय घटकर लगभग 12 लाख रुपये रह गई, लेकिन उन्होंने अपने उद्यमी बनने के सपने को नहीं छोड़ा।
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2011 में उन्होंने एक अमेरिकी कंपनी जॉइन की, जहां उनकी शुरुआती वार्षिक सैलरी 36 लाख रुपये थी। बाद में उन्हें कंपनी के एशिया-पैसिफिक संचालन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली और उनकी सालाना सैलरी बढ़कर एक करोड़ रुपये से अधिक हो गई। उस समय उनकी उम्र केवल 33 वर्ष थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि एक करोड़ रुपये की सैलरी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी की नेटवर्थ भी एक करोड़ हो जाए। आय और संपत्ति में बड़ा अंतर होता है, जिसे लोग अक्सर समझ नहीं पाते।
अंकुर वारिकू के अनुसार, वर्ष 2014 उनकी आर्थिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। उन्होंने अपने एक मित्र के स्टार्टअप में 10 लाख रुपये का निवेश किया। यह निवेश बेहद सफल रहा और लगभग तीन वर्षों में उसकी कीमत बढ़कर एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई। उन्होंने बताया कि आज भी उनके पास वह स्क्रीनशॉट सुरक्षित है, जिसमें पहली बार उनकी कुल संपत्ति एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करती दिखाई देती है। उस समय उनकी उम्र करीब 37 वर्ष थी और यह उनके जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक थी।
लेकिन सफलता का यह दौर ज्यादा समय तक नहीं चला। अंकुर ने स्वीकार किया कि कुछ वर्षों बाद उन्हें बड़ा आर्थिक झटका लगा। उन्होंने बताया कि उनका नया स्टार्टअप अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया और धीरे-धीरे उनकी पूरी पूंजी खत्म हो गई। स्थिति इतनी खराब हो गई कि उनके पास केवल पांच महीने तक खर्च चलाने लायक पैसे बचे थे। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया है और उन्हें अपनी जिंदगी फिर से शून्य से शुरू करनी पड़ेगी।
हालांकि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंकुर ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अनुभव, सीख और मेहनत के दम पर एक बार फिर नई शुरुआत की। उन्होंने लगातार नए अवसर तलाशे, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम किया, किताबें लिखीं, ऑनलाइन कोर्स तैयार किए और युवाओं को करियर, वित्तीय प्रबंधन तथा उद्यमिता के बारे में मार्गदर्शन देना शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई और उन्होंने फिर से मजबूत आर्थिक स्थिति हासिल कर ली।
अंकुर वारिकू का कहना है कि पहला करोड़ कमाने में कई साल लग सकते हैं, लेकिन एक बार सही दिशा, अनुभव और वित्तीय समझ विकसित हो जाए तो आगे की प्रगति अपेक्षाकृत तेज हो सकती है। उनके अनुसार, असफलता किसी भी उद्यमी की यात्रा का अंत नहीं होती, बल्कि वह नई शुरुआत का अवसर भी बन सकती है। आज उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जाती है और वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि सफलता केवल कमाई से नहीं, बल्कि कठिन समय में दोबारा खड़े होने की क्षमता से तय होती है।
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