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अमित शाह का बड़ा दावा, अगले 30 साल तक सत्ता में रहेगी भाजपा

Kavita2
22 Oct 2026 1:37 PM IST
अमित शाह का बड़ा दावा, अगले 30 साल तक सत्ता में रहेगी भाजपा
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। शाह ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी अगले 30 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और दिल्ली सरकार राजधानी के विकास तथा यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। शाह ने इन परियोजनाओं को यमुना की सफाई में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ये योजनाएं नदी के पुनर्जीवन की रीढ़ साबित होंगी।

10 परियोजनाओं का उद्घाटन, 33 का शिलान्यास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की कुल 43 परियोजनाओं की शुरुआत की। इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की लागत वाली 10 परियोजनाओं का उद्घाटन और 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 नई परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 8,941.22 करोड़ रुपये है। इनका मुख्य उद्देश्य दिल्ली में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाना, जल आपूर्ति मजबूत करना और बिना शोधन के गंदे पानी को यमुना में गिरने से रोकना है।

सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राजधानी के लाखों लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यमुना में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर हमला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्षी दलों की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक हमला बोला।

शाह ने दावा किया कि भाजपा की सरकारें विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि विपक्ष जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा आने वाले 30 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। उनके इस बयान को राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह शाह का राजनीतिक दावा है और भविष्य के चुनाव परिणाम मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार बनने के एक महीने में तय किया लक्ष्य

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की थी।

इस बैठक में दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए थे।

शाह ने कहा कि सरकार बनने के बाद यमुना सफाई अभियान को प्राथमिकता दी गई और योजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया गया।

उन्होंने दावा किया कि सरकार इस दिशा में निर्धारित लक्ष्य की 40 प्रतिशत से अधिक दूरी तय कर चुकी है।

शाह ने कहा कि यमुना को साफ करने के लिए केवल नदी के किनारों की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नालों से आने वाले गंदे पानी को रोकना भी जरूरी है।

ओखला में बनेगा नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

यमुना सफाई की इन परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण योजना ओखला में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण है।

इस प्लांट की क्षमता 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन होगी। इस परियोजना पर लगभग 1,161 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त दिल्ली के आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इनकी संयुक्त क्षमता 78.2 मिलियन गैलन प्रतिदिन से बढ़ाकर 140.8 मिलियन गैलन प्रतिदिन की जाएगी।

सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से लगभग 78.5 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

358 कॉलोनियों और 113 गांवों को मिलेगा फायदा

दिल्ली सरकार ने बाहरी इलाकों में सीवेज व्यवस्था सुधारने के लिए 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन विकसित करने की योजना बनाई है।

इन परियोजनाओं का लाभ 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों को मिलेगा।

सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 36.29 लाख लोगों की सीवेज संबंधी सुविधाओं में सुधार होगा।

इसके अलावा राजधानी में 1,034 किलोमीटर लंबे नए सीवर नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य पर लगभग 1,691 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

नई सीवर लाइनें बनने से ऐसे क्षेत्रों को फायदा होगा, जहां अभी पर्याप्त सीवेज निकासी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

चंद्रावल में जल शोधन संयंत्र का निर्माण

यमुना सफाई के साथ दिल्ली की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

चंद्रावल में 477 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र विकसित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 298.3 करोड़ रुपये है।

इस संयंत्र से लगभग 22 लाख लोगों को बेहतर जल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मुंडका इलाके में 4.5 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस परियोजना पर करीब 225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि जल शोधन और सीवेज प्रबंधन की इन योजनाओं से राजधानी की बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी।

ढाई साल में यमुना को साफ करने का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने अगले दो से ढाई वर्षों में यमुना के प्रदूषण को काफी हद तक कम करने का लक्ष्य रखा है।

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि परियोजनाएं पूरी होने के बाद सीवेज को शोधित किए बिना नालों के रास्ते यमुना में जाने से रोकने की व्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नदी में गंदे पानी का प्रवाह रोककर लंबे समय तक स्वच्छता बनाए रखना है।

हालांकि, इस लक्ष्य की सफलता संयंत्रों के समय पर निर्माण, उनकी क्षमता और नियमित संचालन पर निर्भर करेगी।

यमुना के 70 घाटों पर चला सफाई अभियान

सरकार ने इससे पहले 18 अक्टूबर को 'चलो यमुना' अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया था।

इस अभियान में 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। दिल्ली के 70 घाटों पर सफाई अभियान के दौरान लगभग 86,600 किलोग्राम कचरा और जलीय वनस्पति हटाई गई।

इसमें स्थानीय नागरिकों, विभिन्न संगठनों, विद्यार्थियों और सरकारी कर्मचारियों ने भाग लिया।

सरकार का कहना है कि यमुना को साफ रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है।

दिल्ली के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

अमित शाह ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में विकास कार्यों को गति दे रही हैं।

उन्होंने यमुना की सफाई को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली के लोगों को स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर जल सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, राजनीतिक बयानबाजी के बीच इन परियोजनाओं के वास्तविक परिणामों पर भी नजर रहेगी।

फिलहाल 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं की शुरुआत को दिल्ली में जल प्रबंधन और यमुना प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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