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अमित शाह का बड़ा ऐलान, यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं की सौगात

Kavita2
22 Oct 2026 1:17 PM IST
अमित शाह का बड़ा ऐलान, यमुना की सफाई के लिए 8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं की सौगात
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने 10 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जबकि 33 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। कार्यक्रम में शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले 30 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। शाह ने कहा कि यमुना की सफाई और दिल्ली के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने इन परियोजनाओं को यमुना के पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

यमुना सफाई के लिए 43 परियोजनाओं की शुरुआत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली जल बोर्ड की 43 परियोजनाओं को यमुना की सफाई और जल आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से राजधानी में सीवेज प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा और गंदे पानी को सीधे यमुना नदी में गिरने से रोकने का प्रयास होगा।

इन योजनाओं की कुल लागत 8,941.22 करोड़ रुपये है। इनमें 2,827.11 करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और 6,114.11 करोड़ रुपये की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इन परियोजनाओं के तहत नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइन और जल शोधन संयंत्रों का निर्माण तथा पुराने संयंत्रों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर हमला

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया।

शाह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान यमुना की सफाई को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल प्रदूषण और पेयजल आपूर्ति की समस्याओं का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता थी।

उन्होंने भाजपा सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाएं करने के बजाय परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम कर रही है।

शाह ने राजनीतिक दावा किया कि भाजपा अगले 30 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। उनके इस बयान को आगामी चुनावों और विपक्ष की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार बनते ही प्रधानमंत्री मोदी ने तय किया लक्ष्य

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ बैठक की थी।

इस बैठक में यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्राथमिकताएं और लक्ष्य निर्धारित किए गए थे।

शाह के अनुसार, सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया और अब तय लक्ष्य की दिशा में 40 प्रतिशत से अधिक दूरी तय करने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई केवल दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि देश के पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

ओखला में बनेगा 124 एमजीडी क्षमता का नया संयंत्र

यमुना सफाई अभियान के अंतर्गत ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन की क्षमता वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।

इस परियोजना पर लगभग 1,161 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा।

इन आठ संयंत्रों की संयुक्त शोधन क्षमता वर्तमान 78.2 एमजीडी से बढ़ाकर 140.8 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन परियोजनाओं से लगभग 78.5 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

358 कॉलोनियों और 113 गांवों को मिलेगा लाभ

दिल्ली के बाहरी इलाकों में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था सुधारने के लिए 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

इन परियोजनाओं पर लगभग 3,113 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

योजना के तहत 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों में सीवेज संबंधी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे लगभग 36.29 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त राजधानी में 1,034 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाने की भी योजना है। इस पर करीब 1,691 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य उन क्षेत्रों में सीवेज नेटवर्क विकसित करना है, जहां अभी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

चंद्रावल में नया जल शोधन संयंत्र

दिल्ली में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए चंद्रावल में 477 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता का नया जल शोधन संयंत्र विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना पर करीब 298.3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नया संयंत्र पुराने जल शोधन संयंत्रों की जगह लेगा और लगभग 22 लाख लोगों की जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

इसके अलावा मुंडका क्षेत्र में 4.5 किलोमीटर लंबा ट्रंक ड्रेन बनाने की योजना भी शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 225 करोड़ रुपये है।

यमुना के 70 घाटों पर चला सफाई अभियान

इन परियोजनाओं से पहले दिल्ली सरकार ने 'चलो यमुना' अभियान के तहत व्यापक स्वच्छता अभियान आयोजित किया था।

18 अक्टूबर को दिल्ली के 70 घाटों पर चलाए गए अभियान में 35 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।

इस दौरान यमुना के किनारों से लगभग 76,755 किलोग्राम कचरा हटाया गया। अभियान में स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और सरकारी कर्मचारियों ने सहयोग किया।

दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा था कि यमुना की सफाई को स्थायी बनाने के लिए गंदे पानी का नदी में प्रवेश रोकना आवश्यक है।

ढाई साल में यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने आगामी दो से ढाई वर्षों में यमुना नदी के प्रदूषण को काफी हद तक कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सरकार की योजना है कि राजधानी से निकलने वाले सीवेज को नदी में गिरने से पहले शोधित किया जाए। इसके लिए नए संयंत्रों का निर्माण और मौजूदा सीवेज नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

हालांकि, इस लक्ष्य की सफलता परियोजनाओं के समय पर पूरा होने और शोधन संयंत्रों के प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगी।

दिल्ली के लोगों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

केंद्र और दिल्ली सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

यमुना नदी का प्रदूषण दिल्ली की प्रमुख पर्यावरणीय समस्याओं में शामिल है। इसमें सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और अन्य प्रदूषकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सरकार का उद्देश्य इन समस्याओं से निपटने के लिए सीवेज प्रबंधन के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना है।

फिलहाल 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत के साथ राजधानी में यमुना सफाई अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव नदी के जल की गुणवत्ता और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं से स्पष्ट होगा।

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